Old Evergreen Song: लता मंगेशकर की जादुई आवाज में आज से 60 वर्ष पहले 1967 में बने कालजयी गीत ‘बता दूं क्या लाना तुम लौट के' गाने का जादू 6 दशक बाद भी कम नहीं हुआ है। यह सदाबहार नगमा आज के दौर में भी घर में पत्नी अपने पति से फरमाइश करने के दौरान खूब सुनती हैं। इस गाने में पति और पत्नी के बीच के प्यार और अटूट बंधन का बेजोड़ मिश्रण दिखाया गया है। लता मंगेशकर का यह नगमा 60 के दशक का बड़ा हिट (60's Hindi Song) माना जाता है। ‘बता दूं क्या लाना तुम लौट के' सदाबहार गाने को 1967 में रिलीज हुई सुपरहिट फिल्म ‘पत्थर के सनम' के लिए बनाया गया था।
तीन पीढ़ियों से बना हुआ फेवरेट
लता मंगेशकर की आवाज में 60 वर्ष पहले बने ‘बता दूं क्या लाना तुम लौट के' सदाबहार गाने (Lata Mangeshkar evergreen song) को पिछले 6 दशकों से हिंदी संगीत प्रेमी सुनते आ हैं। यह सदाबहार गाना (evergreen Hindi song) पिछली तीन पीढ़ियों से हिंदी संगीत प्रेमियों का सुपरहिट बना हुआ। बॉलीवुड के सदाबहार गाने ‘बता दूं क्या लाना तुम लौट के' का मधुर संगीत लक्ष्मीकांत प्यारेलाल जी (Lakshmikant Pyarelal) द्वारा तैयार किया गया था। इस गाने का दिल को छू लेने वाला संगीत आज भी लाखों करोड़ों लोगों की कानों को सुकून दे रहा है। लता की जादुई आवाज और लक्ष्मीकांत प्यारेलाल के मधुर संगीत में इस गाने को हमेशा के लिए अमर बना दिया है।
मनोज कुमार और वहीदा रहमान पर फिल्माया गया था यह सदाबहार गाना
1967 में रिलीज हुई 60 के दौर की सुपरहिट फिल्म पत्थर के सनम' में बॉलीवुड अभिनेता दिलीप कुमार, वहीदा रहमान, मुमताज और प्राण मुख्य भूमिका निभाई थी। इस फिल्म के सदाबहार गाने (evergreen song) ‘बता दूं क्या लाना तुम लौट के' को लता मंगेशकर की आवाज में दिलीप कुमार और वहीदा रहमान (Wahida Rahman) पर फिल्माए गए थे। इस गाना में लता की आवाज के साथ दिलीप कुमार (Dilip Kumar) और वहीदा रहमान की कलाकार जादू भी लोगों को खूब पसंद आया। 60 वर्ष पुराने इस कालजयी गीत (old song) के बोल मजरूह सुल्तानपुरी जी द्वारा लिखे गए थे।


