Gold silver crash : सोना व चांदी के रेट गिरे सिर के बल, चांदी 39485, सोना 8084 रुपए हुआ सस्ता, शाम होते ही आया भूचाल
अक्टूबर माह में सबसे बड़ी रात 30 अक्टूबर को देखने को मिली है। जहां पर चांदी व सोना की की मत अचानक ही सिर के बल पड़ गई। इसका मुख्य कारण डालर की मजबूत माना जा रहा है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार हो रहे बदलाव के चलते सोना व चांदी की कीमतों में भारी गिरावट दर्ज की गई है। जहां पर सोना व चांदी की कीमतों में गिरावट के कारण त्योहारी व शादी समारोह का सीजन होने से लोगों को बड़ी राहत मिली है। अक्टूबर माह में ही चांदी की कीमतों में 39485 रुपये व सोना की कीमतों में 8084 रुपए हुए सस्ता हुआ है। ऐसे में सोना व चांदी की कीमतों में अचानक ही गिरावट होने से लोगों की बड़ी राहत मिली है।
अक्टूबर माह में सबसे बड़ी रात 30 अक्टूबर को देखने को मिली है। जहां पर चांदी व सोना की की मत अचानक ही सिर के बल पड़ गई। इसका मुख्य कारण डालर की मजबूत माना जा रहा है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन के अनुसार शुक्रवार को चांदी की कीमत 9134 रुपए से गिरकर 1.81 लाख रुपए पहुंच गई है।
जबकि वीरवार को चांदी की कीमत 1.90 लाख रुपए पर थी। इसके अलावा सोना की कीमतों में 2201 रुपये गिरकर 1.41 लाख रुपये पहुंच गई। वहीं एमसीएक्स मार्केट की बात की जाए तो उसमें शुक्रवार शाम को गिरावट का सिलसिला जारी है। जहां पर एमसीएक्स मार्केट में सोना की कीमतों में 139757 रुपये तक पहुंच गई।
जहां पर सोना की कीमत 2800 रुपये के आसपास गिरावट दर्ज की गई है। ऐसी हालात चांदी की कीमतों की हुई है। एमसीएक्स में चांदी की कीमत लगातार निचले स्तर को छू रही है और 180,858 तक पहुंच गई है। ऐसे में लगातार दबाव बना रहा तो चांदी की कीमतों में ओर गिरावट देखने को मिल सकती है।
एक माह में सोना व चांदी में गिरावट
अक्टूबर माह में सोना व चांदी की कीमतों में गिरावट जारी है। जहां पर चांदी इस महीने 39,485 रुपए और सोना 8,084 रुपए सस्ता हुआ है। इससे पहले 1 अक्टूबर 2026 को एक किलो चांदी के दाम 2.20 लाख रुपए और 10 ग्राम सोना 1.48 लाख रुपए पर थे।
सोना सस्ता होने की मुख्य वजह
सोना सस्ता होने के मुख्य कारण त्योहारों से पहले सोना काफी महंगा हो गया था, इसलिए बड़े निवेशकों ने मुनाफा कमाने के लिए अपना सोना बेचना शुरू कर दिया। अंतरराष्ट्रीय बाजार में अमेरिकी डॉलर और बॉन्ड मजबूत हुए, जिससे ग्लोबल मार्केट में सोने की कीमतें नीचे आ गईं। रिकॉर्ड महंगे दाम देखकर आम खरीदारों ने दुकानों से फिलहाल सोने की खरीदारी कम की है।
चांदी सस्ती होने के कारण
चांदी सस्ता होने के तीन मुख्य कारण है। फैक्टरियों से कम मांग चांदी का बड़ा इस्तेमाल सोलर और इलेक्ट्रॉनिक्स फैक्टरियों में होता है। वैश्विक मंदी के कारण उद्योगों में इसकी मांग घटी है। शेयर और वायदा बाजार के उतार-चढ़ाव में बड़े ट्रेडर्स ने अचानक अपनी चांदी बेच दी, जिससे भाव तेजी से गिरे। सर्राफा बाजार में सोना और चांदी एक-दूसरे के पीछे चलते हैं। सोने के भाव गिरते ही चांदी में भी बिकवाली शुरू हो गई।
अनिल चौधरी को विभिन्न मीडिया संस्थानों में 17 वर्षों से अधिक का अनुभव है। उन्होंने पत्रकारिता की शुरुआत (हरिभूमि हिंदी समाचार पत्र) से प्रिंट मीडिया में की, जहां खबरों की बुनियादी समझ और लेखन की गंभीरता सीखी। इसके बाद उन्होंने अमर उजाला (हिंदी समाचार पत्र) में 7 वर्षों तक कार्य किया। अनिल कुमार की बिजनेस, मनोरंजन, सरकारी योजनाएं और रेलवे से संबंधित खबरों पर मजबूत पकड़ है। वर्तमान में अनिल कुमार डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से अपनी सेवाएं दे रहे हैं।