एनसीआर में लगातार इंडस्ट्रीयल एरिया विकसित करने की प्लानिंग के साथ ही कृषि जमीन के रेटों में भारी उछाल आ रहा है। इसका सबसे ज्यादा असर हरियाणा के जमीन पर देखने को मिल रहा है और प्रतिदिन कृषि जमीन के रेट बढ़ रहे है। अब हरियाणा के साथ लगते दिल्ली के एरिया की कृषि भूमि का सर्किल रेट 10 गुना बढ़ाने की तैयारी की जा रही है।
ऐसे में हरियाणा के साथ दिल्ली के क्षेत्र में सामान्य कृषि भूमि के रेट भी पांच करोड़ रुपये तक पहुंचने की संभावना है। ऐसे में वहां पर रेट बढ़ने का सीधा असर हरियाणा की जमीन पर भी आने वाला है, क्योंकि दिल्ली के ग्रामीण क्षेत्र में जमीन बिक्री होने पर वहां के लोग जमीन खरीदने के लिए हरियाणा को प्राथमिकता देते है। ऐसे में इसका असर हरियाणा की जमीन पर भी आने वाला है।
हालांकि फिलहाल भी दिल्ली के जिस एरिया मेंसर्किल रेट 10 गुना बढ़ाने की तैयारी की जा रही है, वहां पर जमीन दो करोड़ से लेकर 15 करोड़ रुपये प्रति एकड़ बिक रही है। पिछले सप्ताह ही केंद्रीय आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय ने दिल्ली सरकार के साथ मिलकर सर्किल रेट पर लंबी चर्चा की थी। इस बदलाव से मास्टर प्लान फॉर दिल्ली-2047 (MPD-2047) के तहत पुनर्विकास और शहरीकरण के मौके बढ़ेंगे।
18 साल से दिल्ली में सर्कल रेट नहीं बढ़ाए
दिल्ली में कृषि भूमि का सर्कल रेट को बढ़े हुए 18 साल हो चुके है। दिल्ली में वर्ष 2008 में सर्कल रेट में बढ़ोतरी की थी, लेकिन उसक बाद मार्केट रेट तो काफी ऊपर हो चुका है, लेकिन सर्कल रेट वहीं पर है। उस समय न्यूनतम सर्कल रेट 53 लाख रुपये प्रति एकड़ निर्धारित किया था, वहीं यमुना किनारे वाली कृषि भूमि का सर्कल रेट 17.6 लाख रुपये प्रति एकड़ निर्धारित किया हुआ है, लेकिन अब इनके सर्कल रेट को एक साथ ही 10 गुना करने की तैयारी की जा रही है।
हरियाणा के साथ लगती हुई जमीन सबसे महंगी
अगर दिल्ली की बात की जाए तो कृषि भूमि सबसे ज्यादा हरियाणा के साथ लगते हुए क्षेत्र में है। जहां पर कृषि भूमि के लिए 5 करोड़ रुपये प्रति एकड़ की दर का प्रस्ताव है। इसमें सबसे ज्यादा नरेला, मुखर्जी नगर, रोहिणी, तिमारपुर, बवाना जैसे उत्तरी जिले के इलाके, द्वारका, जनकपुरी, नजफगढ़, राजौरी गार्ड है। इसी तरह शालीमार बाग, कंझावला, नरेला, कराला जैसे इलाकों वाले नार्थ वेस्ट दिल्ली के लिए 3 करोड़ रुपये प्रति एकड़ रेट का प्रस्ताव है। करोल बाग, पटेल नगर जैसे सेंट्रल दिल्ली के लिए 2.5 करोड़ और शाहदरा, उत्तर-पूर्व तथा पूर्वी दिल्ली के लिए 2.25 करोड़ रुपये प्रति एकड़ की दर रखी गई है।