टैम्पो चलाते-चलाते बन गए आईपीएस अधिकारी, मनोज कुमार की सफलता के पीछे दिखाई देता है संघर्ष और मेहनत का बेजोड़ मिश्रण
यूपीएससी की परीक्षा की राह किसी के लिए भी अच्छी नहीं होती, लेकिन मनोज कुमार शर्मा का परिवार आर्थिक संकट में था। ऐसे में जब B.A की परीक्षा पास करने के बाद वे UPSC की तैयारी करने दिल्ली आए तो यहां जीवन संकट भरा था। ऐसे में उन्होंने अपनी आर्थिक जरूरतें पूरी करने के लिए टैम्पो चलाया और चपरासी की नौकरी भी की। इस सब के बावजूद हालांकि वे पहले प्रयास में प्रीलिम्स पास करने में तो सफर रहे, लेकिन मेन्स में असफलता हाथ लगी।
IPS Manoj Kumar: मध्यप्रदेश राज्य में जन्मे आईपीएस मनोज कुमार की सफलता के पीछे संघर्ष और मेहनत का बेजोड़ मिश्रण देखने को मिलता है। मनोज कुमार ने अपनी मेहनत के फल पर टेंपो चालक से आईपीएस अधिकारी तक का सफर पूरा किया है। यूं तो आपने सफलता और मेहनत की एक से बढ़ कर एक कहानी सुनी होंगी, लेकिन मध्यप्रदेश के मुरैना जिले के बिलगांव निवासी मनोज कुमार शर्मा की कहानी इन सभी ऊपर रहेगी। क्योंकि मनोज कुमार शर्मा ने सिर्फ संघर्ष ही नहीं किया, अपने सपनों को साकार करने के लिए जो भी बाधा बीच में आई, उसको अपनी मेहनत से हटा भी दिया।
कुछ समय पहले ही मनोज कुमार शर्मा ने मुंबई में बतौर ज्वाइंट कमिश्नर ऑफ पुलिस का कार्य संभाला है। अपनी सच्ची लगन और कड़ी मेहनत से IPS मनोज कुमार कुमार शर्मा ने 12वीं में फेल होने होने के बाद भी संघर्ष जारी रखा। इसके बाद जब यूपीएससी में उनकी मेहनत का परिणाम आया तो वे 2005 बैच के IPS अधिकारी बन गए।
मनोज कुमार शर्मा के जीवन पर आधारित फिल्म 12th Fail आने के बाद लोगों को इनके बारे में पता चला कि कैसे उन्होंने कई मुश्किलों का सामना करते हुए UPSC परीक्षा पास की।
आसान नहीं थी UPSC की राह
मध्यप्रदेश के मुरैना जिला के बिलगांव में 3 जुलाई 1975 को जन्में IPS मनोज कुमार शर्मा बेहद साधारण परिवार से आते हैं। परिवार की आर्थिक स्थिति बेशक अच्छी नहीं थी, लेकिन उन्होंने अपने जीवन में मेहनत कर इस स्थिति से भी पार पा लिया। उन्होंने हर चुनौति को अवसर बनाया।
हालांकि यूपीएससी की परीक्षा की राह किसी के लिए भी अच्छी नहीं होती, लेकिन मनोज कुमार शर्मा का परिवार आर्थिक संकट में था। ऐसे में जब B.A की परीक्षा पास करने के बाद वे UPSC की तैयारी करने दिल्ली आए तो यहां जीवन संकट भरा था। ऐसे में उन्होंने अपनी आर्थिक जरूरतें पूरी करने के लिए टैम्पो चलाया और चपरासी की नौकरी भी की। इस सब के बावजूद हालांकि वे पहले प्रयास में प्रीलिम्स पास करने में तो सफर रहे, लेकिन मेन्स में असफलता हाथ लगी।
मनोज कुमार शर्मा के संघर्ष में यूपीएससी के दूसरे और तीसरे प्रयास में भी यही परिणाम रहा। लेकिन इससे हार मानने की बजाय, उन्होंने अधिक मेहनत से तैयारी की। आखिरकार उनको चौथे प्रयास में सफलता मिली और 2005 में सफलता AIR 121 के साथ वे यूपीएससी क्रेक करने में सफल रहे।
इसके बाद मनोज कुमार शर्मा ने भारतीय पुलिस सेवा की ट्रेनिंग ली और 22 अगस्त 2005 को IPS अधिकारी के रूप में नियुक्ति पाई। जब वे यूपीएससी की तैयारी कर रहे थे, तभी उनका संकर्प श्रद्धा जोशी से हुआ। उनसे शादी की। श्रद्धा जोशी भी एक IRS अधिकारी हैं। वहीं मनोज कुमार शर्मा फिल्हाल मुंबई पुलिस में बतौर IG तैनात हैं।
अनिल चौधरी को विभिन्न मीडिया संस्थानों में 17 वर्षों से अधिक का अनुभव है। उन्होंने पत्रकारिता की शुरुआत (हरिभूमि हिंदी समाचार पत्र) से प्रिंट मीडिया में की, जहां खबरों की बुनियादी समझ और लेखन की गंभीरता सीखी। इसके बाद उन्होंने अमर उजाला (हिंदी समाचार पत्र) में 7 वर्षों तक कार्य किया। अनिल कुमार की बिजनेस, मनोरंजन, सरकारी योजनाएं और रेलवे से संबंधित खबरों पर मजबूत पकड़ है। वर्तमान में अनिल कुमार डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से अपनी सेवाएं दे रहे हैं।