चूरू। राजकीय लोहिया महाविद्यालय स्थित अध्ययन केंद्र पर योग विज्ञान में डिप्लोमा कर रहे विद्यार्थियों के लिए आयोजित पांच दिवसीय प्रायोगिक संपर्क शिविर का समापन हो गया है। वर्धमान महावीर खुला विश्वविद्यालय, कोटा के बीकानेर क्षेत्रीय कार्यालय के तत्वावधान में आयोजित इस शिविर में विद्यार्थियों को योग की विभिन्न विधाओं का गहन प्रशिक्षण दिया गया। शिविर के अंतिम चरण में आयोजित प्रायोगिक परीक्षा में कुल 68 विद्यार्थियों ने भाग लिया और अपनी व्यावहारिक दक्षता का प्रदर्शन किया।
अध्ययन केंद्र के समन्वयक डॉ. उम्मेद गोठवाल ने बताया कि शिविर के दौरान विद्यार्थियों को प्रशिक्षित योगाचार्य शंकरलाल सैनी के सानिध्य में पाठ्यक्रम के अनुरूप व्यावहारिक ज्ञान प्राप्त हुआ। इस दौरान प्रतिभागियों ने विभिन्न यौगिक क्रियाओं, आसनों और प्राणायाम का अभ्यास किया। पांच दिनों तक चले इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को योग के सैद्धांतिक पहलुओं के साथ-साथ व्यावहारिक रूप से भी कुशल बनाना था, ताकि वे भविष्य में योग के क्षेत्र में बेहतर कार्य कर सकें।
महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. मंजू शर्मा ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि योग केवल एक पाठ्यक्रम नहीं, बल्कि जीवन जीने की एक स्वस्थ पद्धति है। उन्होंने सभी प्रतिभागियों से आह्वान किया कि वे शिविर में सीखे गए योग अभ्यासों को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाएं और समाज में भी स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूकता फैलाएं। प्राचार्य ने विश्वास जताया कि ये विद्यार्थी आने वाले समय में योग के माध्यम से जनमानस के स्वास्थ्य में सुधार लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
योगाचार्य डॉ. शंकरलाल सैनी ने इस अवसर पर कहा कि योग विज्ञान में डिप्लोमा का उद्देश्य विद्यार्थियों के शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक स्वास्थ्य को उन्नत करना है। इसके साथ ही, यह पाठ्यक्रम युवाओं के लिए स्वास्थ्य और योग के क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर भी खोलता है। शिविर के सफल आयोजन में भंवरलाल वर्मा, ओमप्रकाश सुथार, बीरबल और संदीप ने सराहनीय योगदान दिया। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को न केवल योग का महत्व समझ आया, बल्कि वे एक स्वस्थ करियर की दिशा में भी अग्रसर हुए हैं।


