उच्चैन, भरतपुर। भरतपुर जिले के उच्चैन में नगर पालिका के डिप्टी चेयरमैन मनोज गुर्जर के खिलाफ एक स्थानीय निवासी ने मारपीट और अपमानजनक व्यवहार के गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़ित राजू, जो पेशे से एक प्लंबर है, का दावा है कि उसने दो साल पहले मनोज गुर्जर के कॉलेज में नल फिटिंग का कार्य किया था। राजू के अनुसार, काम के बदले उसे अब तक पूरा भुगतान नहीं मिला है और पांच हजार रुपये की राशि अभी भी बकाया है, जिसे मांगने पर उसे लगातार धमकियां दी जा रही थीं।
पीड़ित ने आरोप लगाया कि सोमवार की सुबह जब वह अपने काम पर जा रहा था, तब मनोज गुर्जर ने अपने साथियों अजय सिंह, संदीप और गिरीश के साथ मिलकर उसे रास्ते में रोक लिया। राजू का कहना है कि बकाया राशि मांगने पर डिप्टी चेयरमैन और उनके साथियों ने उसके साथ गाली-गलौज की और लात-घूंसों व बेल्ट से बुरी तरह मारपीट की। पीड़ित ने यह भी दावा किया कि इस दौरान उसके विकलांग भतीजे को भी निशाना बनाया गया, जिससे वे दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए।
राजू ने पुलिस पर भी सुनवाई नहीं करने का आरोप लगाया है। उसका कहना है कि घटना के बाद जब वह उच्चैन थाने में शिकायत दर्ज कराने गया, तो उसकी रिपोर्ट नहीं लिखी गई। पीड़ित के अनुसार, आरोपी पक्ष थाना परिसर में भी मौजूद था, जिससे उसे और अधिक असुरक्षा महसूस हुई। अंततः न्याय की गुहार लेकर वह भरतपुर एसपी कार्यालय पहुंचा, जहां से उसे उच्चैन थाना अधिकारी से संपर्क करने का आश्वासन मिला, लेकिन अब तक कोई प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई है।
दूसरी ओर, डिप्टी चेयरमैन मनोज गुर्जर ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। उनका कहना है कि यह मामला पूरी तरह से निराधार है और उन पर दबाव बनाने के लिए रचा गया है। गुर्जर के अनुसार, राजू का बेटा पहले नगर पालिका में सुपरवाइजर था, जिसे हाल ही में हटा दिया गया था। उनका दावा है कि पीड़ित अपने बेटे को दोबारा नौकरी पर रखवाने के लिए उन पर अनुचित दबाव बना रहा है और इसी रंजिश के चलते मारपीट के झूठे आरोप लगाए जा रहे हैं।
मामले की गंभीरता को देखते हुए उच्चैन थाना अधिकारी राजवीर सिंह ने कहा है कि अभी तक उनके संज्ञान में ऐसा कोई मामला औपचारिक रूप से नहीं आया है। उन्होंने आश्वासन दिया है कि यदि कोई शिकायत प्राप्त होती है, तो तथ्यों की जांच कर नियमानुसार उचित कार्रवाई की जाएगी।

