डीडवाना। डीडवाना में शरद पूर्णिमा के पावन पर्व पर स्वर्णकार समाज ने अपने आराध्य देव अजमीढ़ जी महाराज की जयंती को पूरी श्रद्धा और हर्षोल्लास के साथ मनाया। इस अवसर पर शहर में धार्मिक अनुष्ठानों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम रही, जिसमें समाज के लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
कार्यक्रम की शुरुआत शीतल कुंड मंदिर से एक भव्य मंगल कलश यात्रा के साथ हुई। इस यात्रा में डीडवाना, मौलासर और छोटी खाटू तहसील सहित आसपास के क्षेत्रों से आई सैकड़ों महिलाओं ने सिर पर मंगल कलश धारण कर भाग लिया। यात्रा के दौरान श्री अजमीढ़ जी महाराज की सजीव झांकी आकर्षण का मुख्य केंद्र बनी रही और पूरे मार्ग में भक्तिमय वातावरण छाया रहा।
समारोह में उदयपुर से पधारे श्री पंच दशनाम जूना अखाड़े की महामंडलेश्वर साध्वी ईश्वरीनंद गिरि जी महाराज का विशेष सान्निध्य प्राप्त हुआ। उनके मार्गदर्शन में जयंती के उपलक्ष्य में विशेष मंगल पाठ का आयोजन किया गया। इस दौरान कोटड़ी सती माता के दोहिते रविश कुमार और उनकी धर्मपत्नी सोनम ने सती माता के जीवन प्रसंगों का भावपूर्ण वर्णन किया, जिसे देखकर उपस्थित श्रद्धालु भावविभोर हो गए।
कार्यक्रम के दौरान सती माता के जन्मोत्सव और विवाह से जुड़े प्रसंगों को सजीव झांकियों के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। समारोह में कोटड़ी सती माता के पुत्र चांदमल नारनौली सहित अन्य अतिथियों का सम्मान किया गया। उन्हें दुपट्टा ओढ़ाकर और स्मृति चिन्ह भेंट कर भावभीना स्वागत किया गया।
इस आयोजन में जिला और तहसील स्तर के पदाधिकारियों, नवयुवक मंडल और महिला मंडल की सदस्यों ने सक्रिय भूमिका निभाई। समाज के गणमान्य नागरिकों की उपस्थिति ने इस कार्यक्रम को और भी गरिमामयी बना दिया। यह आयोजन स्वर्णकार समाज की एकता और उनकी सांस्कृतिक परंपराओं के प्रति अटूट निष्ठा का प्रतीक बना।


