हरियाणा - पंजाब सहित इन राज्यों में बनेंगे 12 औद्योगिक कॉरिडोर, 1 लाख से अधिक युवाओं को मिलेगा रोजगार
इस परियोजना पर 28,602 करोड़ रुपये का निवेश होगा। साथ ही यह सभी 12 काॅरिडोर 25,975 एकड़ में विकसित किए जाने हैँ। इसके अलावा इससे निजी व सार्वजनिक क्षेत्र 16524 करोड़ का निवेश होगा। इन सभी परियोजनाओं में 109 000 को रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे।
New Industrial Corridor: औद्योगिक क्षेत्र के विकास के लिए सरकार ने खास योजना बनाई है। इस योजना के तहत हरियाण, पंजाब सहित देश के विभिन्न राज्यों में 25975 एकड़ में विशेष औद्योगिक कॉरिडोर का निर्माण किया जाएगा। इससे लाखों युवाओं को भी रोजगार के अवसर मिलेंगे।दरअसल इस योजना के तहत देश में 12 औद्योगिक काॅरिडोर तैयार करने की दिशा में काम चल रहा है। इसमें एक अमृतसर-कोलकाता काॅरिडोर (Amritsar Kolkata corridor) शामिल है। इसी कॉरिडोर में हरियाणा के हिसार और पंजाब के राजपुरा में औद्योगिक विकास का खाका खींचा गया है। उम्मीद जताई जा रही है वर्ष 2029 तक इस परियोजना का काम पूरा हो जाएगा।
इस परियोजना पर 28,602 करोड़ रुपये का निवेश होगा। साथ ही यह सभी 12 काॅरिडोर 25,975 एकड़ में विकसित किए जाने हैँ। इसके अलावा इससे निजी व सार्वजनिक क्षेत्र 16524 करोड़ का निवेश होगा। इन सभी परियोजनाओं में 109 000 को रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे।
गौरतलब है कि हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी भी प्रदेश में निवेश के लिए दूसरे देशों के साथ-साथ पिछले दिनों गुजरात की भी यात्रा कर चुके हैं। ऐसे में हरियाणा आने वाले दिनों में औद्योगिक रूप से विकसित प्रदेश बनने जा रहा है। इन कॉरिडोर के तहत अलग-अलग राज्यों में वहां की परिस्थतियों के हिसाब से एग्रो एवं खाद्य प्रसंस्करण, रेडीमेड गार्मेंट और टेक्निकल इंडस्ट्री, ऑटो पार्ट्स, स्टील आधारित उत्पाद, एयरोस्पेस एवं डिफेंस, भवन सामाग्री, फर्नीचर एवं हैंडलूम और हैंडीक्राफ्ट जैसे उद्योग आएंगे।
यहां विकसित होंगे औद्योगिक कॉरिडोर
इस परियोजना के तहत हरियाणा के हिसार में 2988 एकड़ में औद्योगिक क्षेत्र विकसित होगा। इस परियोजना पर 4680 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसी प्रकार पंजाब के राजपुरा में बनने वाले 1099 एकड़ के औद्योगिक क्षेत्र में 1367 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।
जबकि उत्तरखंड के खुरपिया में औद्योगिक क्षेत्र 1002 एकड़ में बनेगा और इस परियोजना खर्च 1265 करोड़ रुपये होंगे। वहीं उत्तर प्रदेश के आगरा में 1058 एकड़ का औद्योगिक क्षेत्र 1812 करोड़ में विकसित होगा। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज 352 एकड़ में बनने वाले औद्योगिक क्षेत्र पर 658 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसक अलावा बहार के गया में 1670 एकड़ में उद्योग लगेंगे। इस पर 1339 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।
2 साल पहले बन चुकी है योजना
इस परियोजना को लेकर 2024 में ही योजना बन चुकी है। इसको आर्थिक मामलों संबंधी मंत्रिमंडलीय समिति भी अनुमोदन कर चुकी है। इससे ऐसी अवसंरचना तैयार की जा रही है, जो मांग से पहले प्लग एंड प्ले सुविधा, वाक-टु-वर्क बढ़ावा दे रही है। इसके लिए ग्रीनफील्ड औद्योगिक स्मार्ट शहरों के क्लस्टरों का निर्माण भी किया जा रहा है।
यह होंगी सुविधाएं
इस परियोजना के तहत बनने वाले औद्योगिक क्षेत्रों में विश्व स्तरीय अवसंरचना तैयार की जाएगी। इसमें सड़क संपर्क से लेकर पानी की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। इसके अलावा पानी निकासी से लेकर बिजली तक की व्यवस्था के लिए आधारभूत ढांचा तैयार होगा।
अनिल चौधरी को विभिन्न मीडिया संस्थानों में 17 वर्षों से अधिक का अनुभव है। उन्होंने पत्रकारिता की शुरुआत (हरिभूमि हिंदी समाचार पत्र) से प्रिंट मीडिया में की, जहां खबरों की बुनियादी समझ और लेखन की गंभीरता सीखी। इसके बाद उन्होंने अमर उजाला (हिंदी समाचार पत्र) में 7 वर्षों तक कार्य किया। अनिल कुमार की बिजनेस, मनोरंजन, सरकारी योजनाएं और रेलवे से संबंधित खबरों पर मजबूत पकड़ है। वर्तमान में अनिल कुमार डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से अपनी सेवाएं दे रहे हैं।