Mumtaj: 70 के दशक में बॉलीवुड की सबसे महंगी हीरोइन मुमताज ने अपने दौर में एक साथ लगातार कई सुपरहिट फिल्में दी थी। 70 के दशक में फिल्म की फीस लेने के मामले में मुमताज ने ड्रीम गर्ल हेमा मालिनी (Hema Malini) और रेखा जैसी अभिनेत्री को भी पीछे छोड़ दिया था। उस दौर में आलम यह बना हुआ था कि मुमताज जी भी सितारे के साथ फिल्म में काम करती वह बड़ी हिट हो जाती थी। दर्शकों ने भी 70 के दशक में मुमताज को अपार स्नेह दिया था। मुमताज के स्टारडम के पीछे संघर्षों की एक लंबी लिस्ट भी छुपी हुई है।
उन्होंने अपने करियर की शुरुआत मशहूर पहलवान दारा सिंह के साथ बी ग्रेड की फिल्मों से की थी। जिस वजह से शुरुआती दिनों में मुमताज के साथ बॉलीवुड का कोई बड़ा सितारा काम करने के लिए तैयार नहीं था। लेकिन एक दौर ऐसा आया जब मुमताज ने अपनी कला का ऐसा जादू दिखाया कि बड़े-बड़े सितारे उनके साथ फिल्म करने के लिए लाइन में लगे रहते थे। मुमताज ने ‘सोने की चिड़िया' फिल्म में बाल कलाकार के रूप में फिल्मों में शुरुआत की थी। वहीं उनके नाम को असली पहचान 1967 में रिलीज हुई फिल्म राम और श्याम से मिली थी।
70 के दशक में मुमताज ने राजेश खन्ना के साथ दी थी एक साथ कई सुपरहिट फिल्में
मुमताज ने अपने फ़िल्मी करियर में दारा सिंह से लेकर शम्मी कपूर, धर्मेंद्र दिलीप कुमार और राजेश खन्ना सहित उस दौर के तमाम बड़े सितारों के साथ काम किया। लेकिन दर्शकों ने मुमताज को सबसे अधिक राजेश खन्ना के साथ पसंद किया। राजेश खन्ना और मुमताज की जोड़ी ने उसे दौर में एक साथ लगातार आठ सुपरहिट फिल्में बॉलीवुड को दी।
मुमताज और राजेश खन्ना की जोड़ी की उस दौर में आप की कसम, अपना देश, दुश्मन, बंधन और प्रेम की कहानी, दो रास्ते, सच्चा झूठा और रोटी जैसी आठ फिल्में लगातार सुपरहिट रही। 70 के दशक में राजेश खन्ना और मुमताज (Rajesh Khanna and Mumtaj) का हिंदी सिनेमा के दर्शकों पर एक अलग ही क्रेज देखने को मिलता था। उस दौर में ही नहीं बल्कि आज के दौर में भी इस जोड़ी को दर्शकों द्वारा खूब याद किया जाता है।
70 के दशक में स्टारडम के पीक पर पहुंचने के बाद अचानक हो गई थी फिल्मों से गायब
मुमताज के लिए 70 का दशक सबसे सुनहरा दौर माना जाता है। इस दौर में मुमताज के दरवाजे के सामने फिल्म डायरेक्टर की लंबी कतारें लगी रहती थी। मुमताज ने 70 के दशक में एक से बढ़कर एक सुपरहिट फिल्में (70's superhit Hindi films) की। 70 के दशक में एक तरफ मुमताज (Mumtaj) हिंदी सिनेमा को एक से बढ़कर एक सुपरहिट फिल्में दे रही थी वहीं दूसरी तरफ मशहूर बिजनेसमैन मयूर माधवानी के साथ उनकी नजदीकियां भी बढ़ने लगी थी। मुमताज और बिजनेसमैन मयूर माधवानी के बीच दोस्ती से शुरू हुआ सिलसिला 1974 में शादी में बदल गया। बिजनेसमैन मयूर माधवानी से शादी के बाद मुमताज ने फिल्मों से दूरी बना ली और अपने पति के साथ अमेरिका चली गई।
राजेश खन्ना और मुमताज पर फिल्माए गए सुपरहिट पुराने गाने (old Hindi song) आज भी बड़े चाव से सुनते हैं लोग
70 के दशक में राजेश खन्ना और मुमताज पर एक से बढ़कर एक कई सुपरहिट गाने (70's Hindi song) फिल्माए गए थे। मुमताज के साथ राजेश खन्ना सहित दूसरे फिल्मी सितारों पर किशोर कुमार, लता मंगेशकर (Lata Mangeshkar) और मोहम्मद रफी जैसे लीजेंड फनकारों की आवाज में 60, 70 और 80 के दौर में बने बिंदिया चमकेगी (1969), यह रेशमी जुल्फें (1969), गोरे रंग पे ना इतना गुमान कर (1974), कोई शहरी बाबू (1973), आजकल तेरे मेरे प्यार के चर्चे (1968), जय जय शिव शंकर (1974) और ‘मैं तेरे इश्क में' जैसे दर्जनों पुराने सदाबहार गाने (old evergreen song) कई पीढ़ियों से हिंदी संगीत प्रेमियों के फेवरेट बने हुए हैं।