हरियाणा में कर्मचारी पुरानी पेंशन को बहाली को लेकर लगातार आंदोलनरत है और कुछ कर्मचारियों ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट का दरवाजे पर दस्तक दी है। हाईकोर्ट के आदेश के बाद हरियाणा के हजारों शिक्षकों को पुरानी पेंशन यानी ओपीएस बहाली की उम्मीद जगी है। हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार को छह सप्ताह का समय दिया है और इस दौरान पात्र शिक्षकों को पुरानी पेंशन बहाल करने के निर्देश दिए है। हाईकोर्ट के निर्देश पर हरियाणा सरकार क्या फैसला लेती है, इसका अब शिक्षकों को इंतजार है।
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के जस्टिस हरप्रीत सिंह बराड़ ने कहा कि शिक्षकों को सुनवाई का अवसर देने के बाद कारण सहित आदेश पारित किया जाए। पात्र पाए जाने पर उन्हें पुरानी पेंशन योजना का लाभ तत्काल दिया जाए।
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में याचिकाकर्ताओं ने कहा कि सरकार द्वारा सात जुलाई 2005 में विभिन्न पदों के लिए विज्ञापन जारी किया था, लेकिन इस दौरान भर्ती प्रक्रिया पूरी नहीं हुई हौर सरकार द्वारा फिर से 20 जुलाई 2006 में उन्हीं पदों का दोबारा से विज्ञापन जारी करके आवेदन मांगे थे।
दोबारा आवेदन मांगने पर सरकार द्वारा पुराने अभ्यार्थियों की पात्रता को सुरक्षित रखते हुए दोबारा आवेदन नहीं करने के आदेश दिए थे, लेकिन 20 जुलाई 2006 को निकाले गए आवेदन में शैक्षणिक योग्यता, आयु सहित अन्य पात्रताओं के लिए एक जुलाई 2005 की तिथि को मान्य किया था। बाद में उनकी नियुक्ति हो गई, लेकिन सरकार ने उनको पुरानी पेंशन योजना में रखने की बजाए नई अंशदायी पेंशन योजना में शामिल कर दिया।
जबकि उनके द्वारा आवेदन किया था उस समय पुरानी पेंशन योजना लागू थी। अब अधिकारियों की तरफ से 25 सितंबर 2023 और 25 अक्टूबर 2023 को आदेशों में पुरानी पेंशन योजना में शामिल करने से इन्कार किया था। उनका तर्क था कि सीएंडवी और प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक योजना में बदलाव के पात्र नहीं हैं।
कानून के अनुसार आदेश देने का आश्वासन दिया
राज्य सरकार ने कानून के अनुसार विचार कर तर्कपूर्ण आदेश देने का आश्वासन दिया। हाईकोर्ट ने मामले के गुण-दोष पर टिप्पणी किए बिना सक्षम अधिकारियों को प्रमाणित आदेश की प्रति मिलने से छह सप्ताह में ओम प्रकाश मामले के फैसले के आलोक में निर्णय लेने को कहा। अधिकारियों को सुनवाई का अवसर देने और निर्णय की जानकारी शिक्षकों को देने के निर्देश भी दिए गए।


