Success story: जन्म पर पिता भी नहीं हुए खुश, फिर UPSC में सफलता के झंडा गाड़ बनी लाखों लड़कियों के लिए प्रेरणा
कृतिका का शुरूआती जीवन बेहद संघर्षपूर्ण रहा। जीवन के साथ-साथ UPSC में सफलता की कहानी भी बहुत लंबी है। हालांकि तमाम विपरीत परिस्थितियों से जूझते हुए उन्होंने IRS अधिकारी बन कर अपनी सफलता को साबित कर दिया।
UPSC Success Story: आईआरएस कृतिका की मेहनत और सफलता की कहानी आज लाखों लड़कियों के लिए प्रेरणा बन चुकी है। जीवन में संघर्ष की परिभाषा शायद कृतिका की कहानी ही है। जन्म से ही उपेक्षा भरा जीवन मिलने के बाद भी कृतिका ने अपनी मेहनत से UPSC में सफलता पा कर स्वयं को साबित कर दिया। जीवन में सफलता की कहानी चौथी कक्षा से ही शुरू हो गई थी, जब उन्होंने 100 में से 99 अंक प्राप्त किए।
कर्नाटक के हासन की रहने वाली कृतिका का शुरूआती जीवन बेहद संघर्षपूर्ण रहा। जीवन के साथ-साथ UPSC में सफलता की कहानी भी बहुत लंबी है। हालांकि तमाम विपरीत परिस्थितियों से जूझते हुए उन्होंने IRS अधिकारी बन कर अपनी सफलता को साबित कर दिया।
कृतिका के जीवन में संघर्ष जन्म के साथ ही शुरू हो गए। क्योंकि उनके पिता कृतिका के जन्म से खुश नहीं थे। ऐसे में पिता ने पैदा होने के कृतिका की मां को छोड़ दिया। इस कारण वे बचपन में पिता से प्यार से महरूम रही। इस अभाव से भी कृतिका ने हार नहीं मानी और जीवन में बड़ा सपना देखना शुरू कर दिया।
पिता का प्यार पाने के लिए कृतिका ने हर संभव प्रयास किया। इसके लिए हमेशा वे स्कूल में अच्छा प्रदर्शन करती और पुरस्कार पाती, लेकिन फिर भी कृतिका को वह नहीं मिला, जिसके लिए यह सब कर रही थी। इसके बावजूद पिता का प्यार नहीं मिलने के कारण कृतिका का आत्मविश्वास कम होने लगा। क्योंकि एक समय पर उनके माता-पिता अलग हो गए।
इससे कृतिका के जीवन पर गहरा प्रभाव पड़ा और वह धीरे-धीरे परेशान रहने लगगी। जीवन बहुत अधिक खराब होता चला गया। हालांकि कृतिका की मां हमेशा उनके साथ खड़ी रही। परिस्थितियां ऐसी हो गई कि कृतिका का आत्मविश्वास डगमगाने लगा। इसी दौरान उन्होंने खुद को संभाला। जब चौथी कक्षा में थी। परीक्षा परिणाम में उन्होंने 100 में से 99 अंक लिए और स्वयं पर भरोसा हुआ।
बेहद मुश्किल रहा UPSC का सफर
अपनी स्कूल की पढ़ाई के दौरान कृतिका के जीवन को बेहतर बनाने के लिए UPSC में जाने का फैसला कर लिया था। इसके कारण जैसे ही12वीं की पढ़ाई पूरी हुई, UPSC को लेकर मन पक्का कर लिया। इसके बाद स्नातक तक की पढ़ाई पूरी की और अपने लक्ष्य पर ध्यान बनाए रखा।
3 असफलता के बाद चौथे प्रयास में हुई कामयाब
कृतिका का UPSC का सफर भी बेहुत ही मुश्किल रहा है। क्योंकि जब पहली बार UPSC की परीक्षा दी तो प्रीलिम्स में ही असफल हो गई। इससे भी उन्होंने हार नहीं मानी और लगातार प्रयास करती रहीं। लगातार मिली असफलताओं के बाद उन्होंने जीवन में कई बदलाव किए। अपनी पढ़ाई पर फोक्स किया और सोशल मीडिया से दूरी बना ली। यहां तक की दोस्तों के साथ भी समय व्यतीत नहीं किया। लगातार मिली असफलताओं के बाद फिर साल साल 2019 में सफलता की बारी आई। यह कृतिका का चौथा प्रयास था। उन्होंने UPSC सिविल सेवा परीक्षा में 100वीं रैंकिंग हासिल की। उन्होंने जीवन में कई संघर्षों से पार पाते हुए अपनी लक्ष्य को पाया और दिखा दिया कि खुद की मेहनत से ही हर सफलता पाई जा सकती है।
अनिल चौधरी को विभिन्न मीडिया संस्थानों में 17 वर्षों से अधिक का अनुभव है। उन्होंने पत्रकारिता की शुरुआत (हरिभूमि हिंदी समाचार पत्र) से प्रिंट मीडिया में की, जहां खबरों की बुनियादी समझ और लेखन की गंभीरता सीखी। इसके बाद उन्होंने अमर उजाला (हिंदी समाचार पत्र) में 7 वर्षों तक कार्य किया। अनिल कुमार की बिजनेस, मनोरंजन, सरकारी योजनाएं और रेलवे से संबंधित खबरों पर मजबूत पकड़ है। वर्तमान में अनिल कुमार डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से अपनी सेवाएं दे रहे हैं।