Haryana government action : हरियाणा सरकार ने घटिया निर्माण करके फर्जीवाड़ा करने वाले कर्मचारियों पर गाज गिरानी शुरू कर दी है। इसी कड़ी में नगर परिषद रेवाड़ी में दो मामलों में बड़ी कार्रवाई की गई है। शहरी स्थानीय निकाय निदेशालय (डीयूएलबी) ने ब्रास मार्केट (एनएमटी) विकास कायों में लापरवाही पर 2 जूनियर इंजीनियरों (जेई) के खिलाफ हरियाणा सिविल सेवा नियमों के तहत सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। यहां सड़कों की बेहद घटिया पाई गई थी।
वहीं दूसरी तरफ शहर के चर्चित खसरा नंबर-242 प्रापर्टी आईडी फर्जीवाड़े में एडीसी राहुल मोदी की जांच रिपोर्ट के आधार पर एनडीसी पोर्टल के चेकर और मेकर क्लर्क के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के आदेश जारी कर दिए गए हैं। इसमें एक सहायक और दूसरा क्लर्क शामिल है। डीसी अभिषेक मीणा ने इसके लिए जिला नगर आयुक्त (डीएमसी) को पत्र भेज दिया गया है।
सहायक और क्लर्क की मिली लापरवाही
शहर के बहुचर्चित खसरा नंबर-242 से जुड़े प्रापर्टी आईडी फर्जीवाड़े में प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। करीब 860 वर्ग गज की बेशकीमती जमीन की फ्रीज की गई प्रापर्टी आईडी को अवैध रूप से डी-फ्रीज करने के मामले में गाज गिरी है। यह कार्रवाई एनडीसी पोर्टल चेकर बलवान सिंह और एनडीसी पोर्टल मेकर (लिपिक) अजय कुमार पर हो रही है।
एडीसी राहुल मोदी की अध्यक्षता में गठित 4 अफसरों की कमेटी ने जांच में पाया कि नगर परिषद के चेकर और मेकर की लापरवाही रही है। जांच रिपोर्ट के आधार पर उपायुक्त कार्यालय ने नगर आयुक्त, रेवाड़ी को पत्र जारी कर दोनों कर्मचारियों के खिलाफ तत्काल विभागीय कार्रवाई अमल में लाने और की गई कार्रवाई की रिपोर्ट जल्द से जल्द भेजने के निर्देश जारी किए हैं।
जमीन नप की, फिर भी बेचने का खेल
नगर परिषद के एमई नरेश कुमार की रिपोर्ट के अनुसार, 1892-93 की जमाबंदी के हिसाब से खसरा नंबर-242 पर नगर परिषद की मलकियत है। इसके बाद यह जमीन राष्ट्रीय हाई स्कूल को दे दी गई। उसके बाद इस पर नगर परिषद का अधिकार होना चाहिए। यह निजी मलकियत नहीं है। हमने बाकायदा लिखकर अथारिटी को दिया था।
बता दें कि तहसील के रिकार्ड का दावा करते हुए नप अधिकारियों ने बताया कि किसी समय यहां राष्ट्रीय हाई स्कूल हुआ करता था। इसके अलावा भी काफी जमीन थी। पहले यह खसरा नंबर अलग-अलग थे। वर्ष 1965-66 में यह खसरा नंबर-242 हो गया। तब से ही यह चला आ रहा है। नगर परिषद अधिकारियों को पता तो था, मगर कभी किसी ने कार्रवाई की नहीं सोची।
2024-25 में बने सीसी रोड उखड़ रहे
ब्रास मार्केट में करीब सवा 2 करोड़ का टेंडर देकर सड़कों और नालों आदि का काम कराया गया था। यह सीसी रोड 2024-25 में बनी, मगर सालभर बाद ही इनकी परत उखड़नी शुरू हो गई, जबकि इसकी मियाद 10 साल से भी अधिक समय तक होती है। इसकी सैंपलिंग हुई तो गुणवत्ता बेकार निकली। इसीलिए जेई पर कार्रवाई हुई है।
निदेशालय के आदेश तुरंत ड्राफ्ट भेजें डीएमसी
शहरी स्थानीय निकाय निदेशालय, हरियाणा (पंचकूला) ने रेवाड़ी नगर परिषद के ब्रास मार्केट एनएमटी सेक्टर-1 के विकास कार्यों में लापरवाही और अनियमितताओं को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। मामले में जेई कुशल यादव और जेई विकास गर्ग पर हरियाणा सिविल सेवा (दंड एवं अपील) नियम, 2016 के नियम-7 के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं।
3 अगस्त 2026 को ही चार्जशीट का ड्राफ्ट भेजने के निर्देश दिए गए थे। लेकिन 3 महीने बीत जाने के बाद भी जिला स्तर से चार्जशीट का ड्राफ्ट उपलब्ध न कराने पर विभाग ने कड़ी आपत्ति जताई है और डीएमसी रेवाड़ी को तुरंत ड्राफ्ट भिजवाने का निर्देश दिया है। अब इस मामले में विभागीय कार्रवाई शुरू की जाएगी।