राजस्थान में शिक्षा का पैटर्न में बड़ा बदलाव होने वाला है। यह नया तरीका वर्ष 2027 में शुरू हो जाएगा। शिक्षा का पैटर्न 10वीं कक्षा के बोर्ड से लेकर यूनिवर्सिटी तक बदलाव दिखाई देगा। राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की दसवीं की परीक्षाएं साल में दो बार कराने की व्यवस्था, महर्षि दयानंद सरस्वती यूनिवर्सिटी में पीजी की सेमेस्टर परीक्षा तथा इंजीनियरिंग कालेजों में पेड इंटर्नशिप जैसे बदलाव शिक्षा व्यवस्था को नई दिशा देंगे। राजस्थान लोक सेवा आयोग (आरपीएससी), विश्वविद्यालय और विभिन्न प्रवेश परीक्षाओं सहित इन परीक्षाओं में करीब 30 लाख विद्यार्थी शामिल होंगे।
पहले पखवाड़े की फरवरी में होगी परीक्षाएं
सीबीएसई की दसवी और बारहवीं की परीक्षाएं फरवरी के पहले पखवाड़े में प्रस्तावित है। परीक्षा की तैयारी के लिए सैंपल पेपर जारी किए जा चुके है। विद्यार्थियों को प्रत्येक विषय में उत्तीर्ण होने के लिए न्यूनतम 33 प्रतिशत अंक प्राप्त करने होंगे। दसवीं में दो बोर्ड परीक्षा प्रणाली सत्र 2025-26 से लागू हो चुकी है।
यूजी कोर्स में इंटर्नशिप से मिलेगा प्रोत्साहन
उच्च शिक्षण संस्थानों में सत्र 2025-26 से यूजी तृतीय वर्ष के सेमेस्टर में अध्ययनरत विद्यार्थियों के लिए इंटर्नशिप शुरू हुई है। इंजीनियरिंग कॉलेजों में नई शिक्षा नीति के तहत पेड़ इंटर्नशिप से विद्यार्थियों को औद्योगिक संस्थानों में प्रशिक्षण के दौरान प्रोत्साहन मिलेगा। इससे ट्रेनिंग और प्लेसमेंट कैंप बढ़ने की भी उम्मीद है।
राजस्थान बोर्ड में दो बार परीक्षा
राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की दसवीं की परीक्षा साल में दो बार होगी। पहले चरण की परीक्षा फरवरी मार्च और दूसरे चरण की परीक्षा अप्रैल-मई में संभावित है। हालांकि, इसका अधिकृत कार्यक्रम बोर्ड जारी करेगा। बारहवीं की परीक्षा वार्षिक पैटर्न पर होगी, जिसकी डेटशीट भी बोर्ड जारी करेगा। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप सीबीएसई सहित अन्य बोडों में दसवीं की दो बोर्ड परीक्षाओं की व्यवस्था शुरू की गई है।
आरपीएससी के कैलेंडर में आरएएस मेंस
आरपीएससी के परीक्षा कैलेंडर में वर्ष 2027 के लिए फिलहाल केवल आरएएस मुख्य परीक्षा शामिल है। कार्मिक विभाग और राज्य सरकार से नई भर्तियां मिलने पर आयोग उनके अनुरूप परीक्षाओं को कैलेंडर में शामिल करेगा। विभिन्न भर्तियों के साक्षात्कार भी जारी रहेंगे।
पीजी में सेमेस्टर प्रणाली
महर्षि दयानंद सरस्वती यूनिवर्सिटी से संबद्ध कॉलेजों में सत्र 2025-26 से यूजी तृतीय वर्ष में सेमेस्टर प्रणाली शुरू हो चुकी है। सत्र 2026-27 से पीजी में भी सेमेस्टर परीक्षा पद्धति लागू की गई है। विद्यार्थियों की परीक्षाएं इसी प्रणाली के तहत होगी।


