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हरियाणा के नगर निकायों में भर्ती का नया फार्मूला, अनुभव के आधार पर होगा चयन

नए मानदंड निर्धारित कर दिए गए हैं। भर्ती के लिए गठित कमेटी ने संबंधित कार्य के अनुभव के अधिकतम 40 अंक देने और आयु सीमा में 55 वर्ष तक छूट देने के प्रस्ताव पर सहमति जताई है।

हरियाणा के नगर निकायों में भर्ती का नया फार्मूला, अनुभव के आधार पर होगा चयन

Haryana New Recruitment Formula : हरियाणा में प्रदेश के निकायों में भर्ती का नया फार्मूला तय हो गया है। हालांकि फिलहाल सरकार द्वारा गठित की गई कमेटी की तरफ से यह फार्मूला बनाया गया है और अब इसको मंजूर करने के लिए सरकार के पास भेजा है। जहां पर हरियाणा सरकार की मोहर लगते ही यह नियम लागू हो जाएगा। यह नया फार्मूला हरियाणा के नगर निगमों, नगर परिषदों और नगरपालिकाओं में सफाई कर्मचारियों तथा सीवरमैन की नियमित भर्ती पर लागू होगा।

इसके लिए नए मानदंड निर्धारित कर दिए गए हैं। भर्ती के लिए गठित कमेटी ने संबंधित कार्य के अनुभव के अधिकतम 40 अंक देने और आयु सीमा में 55 वर्ष तक छूट देने के प्रस्ताव पर सहमति जताई है। कमेटी की सिफारिशें जल्द सरकार की मंजूरी के लिए भेजी जाएंगी। सरकार की स्वीकृति और आवश्यक नियमों में संशोधन के बाद भर्ती शुरू होगी।

नगरपालिका कर्मचारी संघ, हरियाणा के राज्य प्रधान नरेश कुमार शास्त्री ने कमेटी की बैठक में भाग लेने के बाद यह जानकारी दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि अभी भर्ती के मानदंडों पर कमेटी स्तर पर सहमति बनी है। इन्हें सरकार की मंजूरी मिलना बाकी है। शास्त्री के अनुसार, संबंधित सफाई या सीवर कार्य के प्रत्येक पूर्ण वर्ष के अनुभव के लिए आठ अंक देने पर सहमति बनी है। पांच वर्ष या इससे अधिक अनुभव होने पर अधिकतम 40 अंक मिलेंगे।

इसमें नगर निकायों में दैनिक वेतन, पालिका रोल, अनुबंध, बाहरी एजेंसी, हरियाणा कौशल रोजगार निगम अथवा ठेकेदार के माध्यम से काम करने वाले कर्मचारियों का सत्यापित अनुभव शामिल होगा। अलग-अलग निकायों में किए गए संबंधित कार्य का अनुभव भी जोड़ा जा सकेगा, लेकिन एक ही अवधि के अनुभव की दोहरी गणना नहीं होगी। ठेकेदार या एजेंसी बदलने से कर्मचारी का पहले का अनुभव समाप्त नहीं माना जाएगा।

कर्मचारी के आश्रितों को भी मिलेगा लाभ

कमेटी में पूर्व में दैनिक वेतन या पालिका रोल पर कार्यरत रहे कर्मचारियों की आश्रित पत्नियों और बच्चों के लिए विशेष प्रविधान बनाने पर सहमति बनी है। दिवंगत कर्मचारियों के आश्रित परिवारों की पात्रता और प्राथमिकता के मानदंड तय किए जाएंगे।

अनुभव के सत्यापन के लिए उपस्थिति रजिस्टर, वेतन भुगतान का ब्योरा, बैंक विवरण और कर्मचारी भविष्य निधि व कर्मचारी राज्य बीमा से जुड़े अभिलेखों का सहारा लिया जाएगा। ठेकेदार से प्रमाणपत्र नहीं मिलने पर संबंधित निकाय अपने रिकार्ड से अनुभव की पुष्टि कर सकेगा। रिकार्ड में कमी होने पर कर्मचारी को अतिरिक्त प्रमाण देने का अवसर भी मिलेगा।

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