Bank News : आरबीआई द्वारा राजस्थान के बैंक खातों का रिकार्ड सार्वजनिक करके चौकाने वाला खुलासा किया है। राजस्थान के बैंकों में लोग खाता खुलवा लिया और उसमें पूंजी को जमा करके उसको भूल गए है। आरबीआई की रिपोर्ट के अनुसार अकेले राजस्थान प्रदेश में 48 लाख 12 हजार ऐसे खाते है, जिनकी जमा पूंजी बैंकों के खातों में पड़ी है और उसको संभालने के लिए कोई नहीं आ रहा है।
इन बैंक खातों में थोड़ी बहुत पूंजी जमा नहीं, बल्कि 3120 करोड़ 45 लाख रुपए की भारी-भरकम राशि जमा है। काफी लंबे समय से इन बैंक खातों को संभाल नहीं होने के कारण इनको निष्क्रिय कर दिया है और दोबारा इन खातों को संभालने के लिए कोई नहीं आ रहा है। हालांकि बैंकों द्वारा इन खाता धारकों के पास नोटिस भेजे जा रहे है, लेकिन इसके बाद भी यह लोग इन खातों को संभालने के लिए नहीं आ रहा है।
आरबीआई की वर्ष 2025-26 की नवीनतम वैधानिक वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार राजस्थान के विभिन्न बैंकों में पिछले 10 साल या उससे अधिक समय से खाते निष्क्रिय पड़े हैं। इन लावारिस खातों की संख्या बढ़कर 48 लाख 12 हजार से अधिक हो गई है। इन खातों में कुल 3120 करोड़ 45 लाख रुपए की राशि जमा है, जिसका बीते एक दशक से कोई दावेदार सामने नहीं आया है।
नॉमिनी अनजान होने के कारण पड़ी राशि
आरबीआई की रिपोर्ट के अनुसार काफी खाताधारकों की मौत हो चुकी है, लेकिन उनके नॉमिनी को इस राशि का पता नहीं है। ऐसे में वर्षों से यह बैंक खाते निष्क्रिय पड़े हुए है। वित्तीय साक्षरता की कमी और पुराने खातों में अधूरे केवाईसी के चलते यह आंकड़ा हर साल तेजी से बढ़ रहा है। बैंकिंग नियमों के तहत 10 साल तक पूरी तरह निष्क्रिय रहने वाली इस रकम को बैंक अपने पास नहीं रख सकते, बल्कि इसे केंद्रीय बैंक के एक विशेष फंड में स्थानांतरित कर दिया जाता है।
सबसे ज्यादा राशि एसबीआई के बैंक खातों में
आरबीआई की रिपोर्ट के अनुसार लावारिस राशि की सबसे ज्यादा संख्या देश के सबसे बड़े बैंक एसबीआई के पास है। एसबीआई के पास 980 करोड़ रुपए जमा हैं। इसके बाद पंजाब नेशनल बैंक में 510 करोड़ का कोई लेनदार नहीं है। इसके बाद बैंक ऑफ बड़ौदा में 440 करोड़, यूको बैंक में 280 करोड़ और निजी क्षेत्र के एचडीएफसी बैंक में करीब 195 करोड़ की राशि जमा है। इस धन को कोई भी वैध वारिस या खाताधारक जरूरी दस्तावेजों दिखाकर ले सकता है।
जोधपुर, उदयपुर, झुंझुनू और सीकर में सबसे ज्यादा राशि
आरबीआई की रिपोर्ट के अनुसार राजस्थान की सबसे ज्यादा लावारिस रुपये जोधपुर, उदयपुर, झुंझुनू और सीकर जिलों में सामने आए है। इसका मुख्य कारण इन क्षेत्र में प्रवासी लोगों के साथ विदेश में रहने वाले लोगों की संख्या ज्यादा है। ऐसे में इन क्षेत्र के बैंक खातों में राशि जमा करवाकर लोग बाहर चले गए है और उनके परिवार व नामिनी को इसका पता नहीं है।
इसके अलावा सबसे ज्यादालावारिस खातों में से 62 प्रतिशत पुरुषों के है। इनकी संख्या 29.83 लाख है। जबकि महिलाओं की बात की जाए तो 38 प्रतिशत है और महिलाओं के 18.28 लाख खाते हैं। जिनकी शादी के बाद पीहर के खातों को भूल जाने से निष्क्रिय पड़े हैं।