वैर, भरतपुर। भरतपुर जिले के वैर क्षेत्र में 11 अक्टूबर को हुए अतर सिंह भडाना हत्याकांड के बाद उपजे तनाव के बीच आज भोंडा गांव में गुर्जर समाज की एक विशाल सभा आयोजित की गई। खनन लीज और रास्ते के विवाद के चलते हुई इस हत्या के बाद से क्षेत्र में स्थिति संवेदनशील बनी हुई है। सभा में गुर्जर समाज आरक्षण संघर्ष समिति के प्रमुख पदाधिकारियों सहित हजारों की संख्या में स्थानीय लोग एकत्र हुए, जिन्होंने पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाए हैं।
सभा के दौरान वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि समाज नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी में पुलिस का पूरा सहयोग करने को तैयार है, लेकिन निर्दोष ग्रामीणों को मामले में फंसाने की किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रहलाद खटाना ने आरोप लगाया कि पुलिस द्वारा रात के अंधेरे में घरों में घुसकर महिलाओं और बच्चों के साथ अमानवीय व्यवहार किया गया है। उन्होंने कहा कि गांव में बिजली आपूर्ति बाधित होने और बाहरी लोगों के प्रवेश पर रोक लगाने से किसानों को रबी की फसल की बुवाई में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
समाज के नेताओं ने मामले की निष्पक्ष जांच के लिए सीबीआई से जांच कराने और घटनास्थल के सीसीटीवी कैमरों की डीवीआर सार्वजनिक करने की मांग रखी है। हाकीम बैंसला ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि निर्दोषों को प्रताड़ित करने का सिलसिला नहीं थमा, तो समाज के प्रबुद्धजन जल्द ही एक विशाल महापंचायत बुलाएंगे। उन्होंने कहा कि संविधान और मौलिक अधिकारों का हनन किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं होगा।
दूसरी ओर, पुलिस प्रशासन ने ग्रामीणों द्वारा लगाए गए सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। वैर के एडिशनल एसपी धर्मेंद्र यादव ने कहा कि पुलिस पर लगाए जा रहे आरोप पूरी तरह निराधार और तथ्यहीन हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि कार्रवाई उच्च अधिकारियों की देखरेख में विधिक प्रक्रिया के तहत की जा रही है और महिलाओं या बच्चों के साथ कोई अभद्रता नहीं हुई है।
पुलिस ने जानकारी दी कि मामले के मुख्य आरोपियों में शामिल मुकेश फौजी को गिरफ्तार कर लिया गया है और उससे गहन पूछताछ की जा रही है। अन्य फरार आरोपियों की धरपकड़ के लिए पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। पुलिस ने सोशल मीडिया पर फैल रही भ्रामक खबरों से बचने की अपील की है और कहा है कि जांच को भटकाने के प्रयासों पर कड़ी नजर रखी जा रही है।

