कर्मचारी भविष्य निधि यानी ईपीएफ के नियमों में बड़ा बदलाव किया गया है। अब टीडीएस कटौती से छूट की प्रक्रिया में ईपीएफ की तरफ से बदलाव किया गया है। पहले टीडीएस छूट के लिए फॉर्म 15जी या 15एच का प्रयोग किया जाता था, लेकिन अब इसमें बदलाव कर दिया है।
अब टीडीएस की छूट के लिए फॉर्म 121 को भरना होगा। पहले 60 वर्ष से कम उम्र के पात्र व्यक्ति को फॉर्म 15जी और 60 वर्ष या उससे अधिक उम्र के वरिष्ठ नागरिक फॉर्म 15एच भरना पड़ता था। अब इसमें बदलाव करके अलग-अलग फार्म भरने की जरूरत नहीं पड़ेगी। यह सुविधा केवल उन पात्र लोगों के लिए है, जिनकी कुल वार्षिक आय पर उस वित्त वर्ष में टैक्स देनदारी पूरी तरह शून्य होती है।
पीएफ निकासी किसकों देना होता है टीडीएस
कर्मचारी भविष्य निधि के नियमानुसार ईपीएफ से पैसा निकालने के लिए हर स्थिति में टीडीएस नहीं लगता है। पांच साल की लगातार सेवा पूरी होने से पहले निकासी करने पर टीडीएस का प्रावधान है।
कर्मचारी भविष्य निधि के शर्तों के अनुसार 50,000 रुपए से अधिक की निकासी पर 10 प्रतिशत टीडीएस देना होता है, लेकिन समाप्ति, रिटायरमेंट, प्री-मैच्योर विड्रॉल और कुछ विशेष कारणों और ईपीएफ खाते को स्थानांतरित करने जैसी परिस्थितियों में अलग नियम लागू होते हैं।
क्या अब टैक्स निकासी फ्री होगी
फार्म 121 में टैक्स निकासी फ्री नहीं होगी। इस फार्म अपने आप में यह तय नहीं करता कि निकाली गई रकम पर टैक्स लगेगा या नहीं। रिटर्न भरते समय टैक्सपेयर को टैक्स-योग्य आय की जानकारी, बकाया टैक्स चुकाना पड़ सकता है।
वैध पैन होना अनिवार्य
ईपीएफओ के दिशा-निर्देशों के मुताबिक, फॉर्म 121 जमा करने के लिए सदस्य का वैध पैन होना अनिवार्य है। यदि सदस्य के पास वैध पैन नहीं है या वह गलत दर्ज है, तो यह घोषणा अमान्य मानी जाएगी और नियमानुसार उच्च दर पर टीडीएस काट लिया जाएगा।


