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15 हजार कृषि कनेक्शनों पर 6 घंटे में मात्र 1 से 2 घंटे मिलती है बिजली, किसानों ने बिजली जीएसएसों पर काले झंडे लेकर किया विरोध प्रदर्शन

15 हजार कृषि कनेक्शनों पर 6 घंटे में मात्र 1 से 2 घंटे मिलती है बिजली, किसानों ने बिजली जीएसएसों पर काले झंडे लेकर किया विरोध प्रदर्शन

सरदारशहर। उपखंड क्षेत्र में पिछले एक महिनें में छह घंटे बिजली की बजाए 15 हजार कृषि कनेक्शनों को मात्र 1 से 2 घंटे बिजली मिलने से कृषि कनेक्शनों की बिजली सप्लाई प्रभावित होने से फसले तबा हो रही है। ऐसे में किसानों ने गुरुवार को भानीपुरा, पातलीसर, कीकासर सहित एक दर्जन से अधिक जीएसएसों पर किसानों ने हाथों में काले झंडे लेकर कांग्रेस सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करते हुए प्रदर्शन किया। उमेद सिंह सोनपालसर ने बताया कि राजस्थान सरकार बिजली दर घटाने का दावा कर रही है जबकि 6 घंटे बिजली देने का नियम है। वर्तमान में किसानों को मात्र एक से दो घंटे बिजली मिल रही है वह भी कम वोल्टेज में किसानों की फैसले 80% से अधिक खराब हो चुकी हैं। किसान सड़कों पर आकर विरोध प्रदर्शन कर रहा है। इसके उपरांत भी कोई प्रकार की सुनवाई नहीं हो रही है। ऐसा कोई बिजली का कार्यालय नहीं है जहां पर किसानों ने बिजली की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन नहीं किया हो। लेकिन सच्चाई यह है कि गहलोत सरकार केवल झूठी घोषणा करके किसानों को गुमराह करने का काम कर रही है। आने वाले समय में किसान विधानसभा चुनाव के दौरान करारा जवाब देंगे। भाजपा नेता एडवोकेट शिवचंद साहू ने कहा कि भादासर, सरदारशहर ग्रामीण, भानीपुरा, एईएन कार्यालयों के अंतर्गत 33 केवी के 55 जीएसएसों पर कम वोल्टेज व 6 घंटे बिजली सप्लाई नहीं मिलती है। जिसके कारण किसानों को मजबूर होकर आंदोलन करना पड़ रहा है। ऐसे में किसानों ने कई बार सड़क पर जाम लगाकर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान कहा कि कृषि कनेक्शन को चलाने के लिए सही वोल्टेज 425 होने चाहिए। वर्तमान में 150 से 200 वोल्टेज मिल रहे हैं। इसलिए मोटरें जल रही है। किसानों को कृषि कनेक्शनों पर मोटर चलाकर सिंचाई करने के लिए कम से कम 425 वोल्टेज बिजली सप्लाई आवश्यक है। लेकिन वर्तमान में मात्र 200 से 225 वोल्टेज ही बिजली सप्लाई मिल रही है, वो भी मात्र 1 से 2 घंटे ही मिलती है। इतने कम वोल्टेज में अगर किसान रिस्क लेकर फसलों की सिंचाई के लिए कृषि कनेक्शनों की मोटरें चलाते है, तो मोटरें जल जाती है। जिसके कारण आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ता है।

किसानों के आक्रोश से मुख्यमंत्री सरदारशहर नहीं आए

सरदारशहर में कई विकास कार्यों का शुभारंभ करने के लिए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की 25 अगस्त को आने की सूचना थी। लेकिन किसानों के आक्रोश को देखते हुए वर्तमान में मुख्यमंत्री 25 अगस्त को नहीं आ रहे हैं। किसानों ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर मुख्यमंत्री सरदारशहर में जब भी विकास कार्यों का शुभारंभ करने के लिए आएंगे तब किसान काले झंडे दिखाकर मुख्यमंत्री का विरोध प्रदर्शन करेंगे। क्योंकि वर्तमान में किसानों को बिजली नहीं मिलने के कारण किसानों की मूंगफली, ग्वार, बाजरा, कपास आदि की फैसले 100% नष्ट हो गई है। इसके उपरांत भी सरकार ने किसी प्रकार का ध्यान नहीं दिया केवल थोथी घोषणा करके किसानों को गुमराह करने का काम किया है। अभी किसान समझ चुके हैं आने वाले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को करारा जवाब देंगे।

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