जयपुर। जयपुर स्थित राजस्थान पुलिस अकादमी में ब्रिक्स सस्टेनेबल लाइफस्टाइल वीक के पांचवें दिन पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य अकादमी परिसर को पूरी तरह से प्रदूषण मुक्त बनाना और प्रशिक्षुओं के बीच प्लास्टिक के उपयोग को हतोत्साहित करना था। कार्यक्रम के दौरान 'से नो टू सिंगल यूज़ प्लास्टिक' विषय पर विशेष चर्चा की गई, जिसमें प्लास्टिक के दुष्प्रभावों पर प्रकाश डाला गया।
अकादमी के प्रशिक्षुओं को प्लास्टिक के विकल्पों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। उन्हें दैनिक जीवन में प्लास्टिक बैग के स्थान पर कपड़े के पुनः उपयोग योग्य बैग अपनाने के लिए प्रेरित किया गया। यह बदलाव न केवल कचरे को कम करने में सहायक है, बल्कि यह एक स्थायी जीवनशैली की ओर भी एक बड़ा कदम है। प्रशिक्षुओं को समझाया गया कि कैसे छोटे-छोटे बदलाव पर्यावरण पर सकारात्मक प्रभाव डाल सकते हैं।
कार्यक्रम का एक प्रमुख आकर्षण तांबे और अन्य धातुओं की बोतलों का उपयोग करने का संदेश रहा। प्लास्टिक की बोतलों के बजाय धातु की बोतलों को अपनाने से न केवल स्वास्थ्य लाभ मिलते हैं, बल्कि यह प्लास्टिक कचरे के उत्पादन को रोकने में भी प्रभावी है। प्रशिक्षुओं ने इस विचार को उत्साह के साथ स्वीकार किया और इसे अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने का संकल्प लिया।
इस अवसर पर सभी प्रशिक्षुओं को पर्यावरण संरक्षण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाने की शपथ दिलाई गई। उन्होंने अकादमी परिसर को स्वच्छ और प्रदूषण मुक्त रखने का वादा किया। यह पहल न केवल अकादमी के भीतर स्वच्छता बनाए रखने के लिए है, बल्कि यह भविष्य के पुलिस अधिकारियों में पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी की भावना को भी विकसित करती है।
ब्रिक्स सस्टेनेबल लाइफस्टाइल वीक के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि एक जिम्मेदार नागरिक के रूप में पर्यावरण की रक्षा करना हम सभी का कर्तव्य है। अकादमी प्रशासन का मानना है कि इस तरह के कार्यक्रमों से प्रशिक्षुओं में अनुशासन के साथ-साथ प्रकृति के प्रति प्रेम और सम्मान की भावना भी जागृत होगी। यह प्रयास आने वाले समय में एक स्वच्छ और हरित राजस्थान के निर्माण में सहायक सिद्ध होगा।


