केंद्र सरकार द्वारा राजस्थान में सड़क व रेल नेटवर्क के साथ एयर कनेक्टिविटी को मजबूत करने पर फोकस किया जा रहा है। राजस्थान में केंद्र सरकार द्वारा 20 लाख यात्रियों की क्षमता वाला एयरपोर्ट टर्मिनल बनाया जाएगा, ताकि राजस्थान की देश के हर राज्य के शहर व विदेशों तक सीधी एयर कनेक्टिविटी हो सके।
इसके लिए राजस्थान सरकार द्वारा कोटा-बूंदी न्यू ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट बनाया जा रहा है। कोटा-बूंदी न्यू ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट के निर्माण की प्रगति के लिए मुख्य सचिव वी श्रीनिवास ने संबंधित अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ निर्धारित समयावधि में निर्माण कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए।
कोटा-बूंदी न्यू ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट का निर्माण कार्य 4 अक्टूबर 2027 तक पूरा होने का प्रस्ताव है। इस दौरान तक रनवे, टर्मिनल बिल्डिंग, एटीसी टावर सहित अन्य आधारभूत संरचनाओं का निर्माण कार्य पूरा होगा। कोटा-बूंदी न्यू ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट पूरी तरह से अंतरराष्ट्रीय लेवल की आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा।
एयरपोर्ट पर 20 हजार वर्गमीटर क्षेत्रफल में पैसेंजर टर्मिनल बिल्डिंग का निर्माण किया जाएगा। इसमें यात्री क्षमता प्रतिवर्ष 20 लाख होगी। यात्रियों की सुविधा के लिए 14 चेक-इन काउंटर और 9 सेल्फ चेक-इन कियोस्क स्थापित किए जाएंगे। इसके साथ ही स्वचालित बैगेज हैंडलिंग सिस्टम और बैगेज क्लेम कैरोसेल की सुविधा भी विकसित की जाएगी।
कोटा-बूंदी न्यू ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट पर यह सुविधाएं की जा रही विकसित
कोटा-बूंदी न्यू ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट पर हर सुविधा से लैस होगा। इसलिए आधुनिक एयर ट्रैफिक कंट्रोल (एटीसी) बनाया जा रहा है। इसके लिए जी+3 मंजिला तकनीकी ब्लॉक का निर्माण किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त अग्निशमन सेवाओं के लिए फायर स्टेशन भी विकसित किया जाएगा। इसके अलावा 1 मेगावाट पीक क्षमता का ग्राउंड माउंटेड सोलर पावर प्लांट स्थापित किया जाएगा।
यह सोलर पावर प्लांट एयरपोर्ट की वार्षिक ऊर्जा खपत का लगभग 25 प्रतिशत हिस्सा को पूरा करेगा। इसके अलावा 250 किलोलीटर प्रतिदिन (केएलडी) क्षमता का एमबीबीआर आधारित सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) भी लगाया जाएगा। जबकि एयरपोर्ट की बेहतर कनेक्टिविटी के लिए 6 लेन की एप्रोच रोड विकसित की जाएगी। इसके साथ ही 300 कारों और 70 टैक्सियों की पार्किंग सुविधा तथा इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए ईवी चार्जिंग स्टेशन भी उपलब्ध होंगे।


