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कोटा की सरकारी जमीनों का बनेगा आनलाइन रिकार्ड, खाली जमीनों से कमाई करेगा कोटा विकास प्राधिकरण

कोटा की सरकारी जमीनों का बनेगा आनलाइन रिकार्ड, खाली जमीनों से कमाई करेगा कोटा  विकास प्राधिकरण

Kota News : राजस्थान के कोटा शहर की जमीन का कोटा विकास प्राधिकरण द्वारा आनलाइन रिकार्ड तैयार किया जाएगा। इसके लिए नगरीय विकास एवं स्वायत्त शासन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) झाबर सिंह खर्रा ने कोटा विकास प्राधिकरण एवं नगर निगम के अधिकारियों की समीक्षा बैठक की। इसमें कोटा शहर विकास कार्य, सफाई व ड्रेनेज जैसे मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई।

इसमें मंत्री ने आदेश दिए कि केडीए एवं निगम अपनी संपत्तियों का चिन्हित करके उसके रिकार्ड को आनलाइन बनाया जाए, ताकि इन संपत्तियों को आय सृजन के तौर पर विकसित किया जाएगा। अगर किसी संपत्ति पर अतिक्रमण है तो उसको तुरंत प्रभाव से हटाया जाए और उसको विकास कार्यों के तौर पर प्रयोग किया जा सके। विकास कार्यों को समयबद्धता के साथ पूरा किया जाए और गुणवत्ता का पूरा ध्यान रखा जाए। कोटा विकास प्राधिकरण से संबंधित कार्यों में निर्माणाधीन एवं स्वीकृत कार्यों की स्थिति की जानकारी ली गई।

यूडीएच मंत्री ने निर्देश दिए कि बड़ी परियोजनाओं में आरंभिक स्तर पर ही संभावित बाधाओं को ध्यान में रखते हुए परमिशन इत्यादि आवश्यक कार्रवाई समय रहते कर ली जाए ताकि काम शुरू होने के बाद किसी तरह की रुकावट ना आए। बीच में किसी कारण से कार्य रुकने पर बजट में वृद्धि होती है और कार्य में विलंब होता है। उन्होंने नई आवासीय योजनाएं विकसित करने और पुरानी योजनाओं में खाली रहे भूखंडों के लिए नए सिरे से विक्रय का प्लान बनाने के निर्देश दिए।

उन्होंने निर्देश दिए कि ड्रेनेज कार्य पूरी निगरानी के साथ किया जाए और इनलेट आउटलेट पर विशेष ध्यान दिया जाए ताकि बाद में कोई समस्या नहीं बने। केडीए एवं नगर निगम के सभी कार्य, योजनाएं एवं शिकायत निस्तारण तंत्र ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से संचालित किए जाएं ताकि आमजन घर बैठे ही योजनाओं की जानकारी एवं लाभ प्राप्त कर सकें। उन्होंने कहा कि कोटा विकास प्राधिकरण में यह कार्य इसी वर्ष पूरा हो जाएगा।

नगर निगम की योजनाओं एवं विकास कार्यों की समीक्षा करते हुए उन्होंने निर्देश दिए कि कचरा डंपिंग वाले स्थानों को खाली करते हुए उस भूमि के उपयोग की योजना तैयार करें। इसी तरह अन्य अनुपयोगी पड़ी जमीनों के लिए कार्य योजना बनाई जाए कि उनका उपयोग किस तरह हो सकता है जिससे आय में वृद्धि हो सके।

यूडीएच मंत्री ने स्वच्छता, रोशनी कचरा प्रबंधन, सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के साथ ही पीएम स्वनिधि निधि, पीएम आवास, अन्नपूर्णा रसोई, अग्निशमन व्यवस्थाएं, शहरी रोजगार गारंटी योजना, रोजगार सृजन योजना सहित विभिन्न योजनाओं की प्रगति की जानकारी ली और इन सभी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन करने के निर्देश दिए।

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