Haryana Roadways strike : हरियाणा रोडवेज कर्मचारियों ने निजीकरण के विरोध में 5 व 6 नवंबर को बसों का चक्का जाम करने का ऐलान किया है। इसके लिए रोडवेज कर्मचारी यूनियनों द्वारा चक्का जाम की तैयारी शुरू कर दी है। इस दौरान कर्मचारी यूनियन के नेताओं ने रोडवेज के आंदोलन के पुराने इतिहास के बारे में बताकर कर्मचारियों को आंदोलन में शामिल होने का आह्वान किया है।
यूनियन नेताओं ने HKRN कर्मचारियों से लेकर रोडवेज के अधिकारियों को आंदोलन में शामिल होने का आह्वान किया है। इसमें आह्वान किया है कि बिजली निगम के सभी कर्मचारी व अधिकारियों ने आंदोलन में भाग लिया वह मांग मनवाने मे कामयाब रहे। इसलिए रोडवेज कर्मचारियों को भी इस तरह एकजुट होने का आह्वान किया है।
जींद रोडवेज डिपो के नेता अनूप लाठर ने कहा कि जींद डिपो का क्रांतिकारी इतिहास रहा है और अब भी समय आ गया है कि दोबारा से उसी इतिहास को दोहराया जाए। जब वर्ष 2008 में भर्ती हुए चालक और परिचालकों ने भर्ती होने के महज एक महीने बाद ही हुई हड़ताल में पूरे हरियाणा में उस समय तक की सबसे सफल हड़ताल करने का काम किया था।
इसके बाद वर्ष 2012 में भर्ती हुए कर्मचारियों ने हर हड़ताल में आगे रहकर साथ दिया। इसी तरह वर्ष 2018 में हड़ताल हुई थी और 2018 में ही भर्ती हुए चालक साथियों और लिपिक साथियों ने पहले दिन से ही हड़ताल में शामिल होकर पूरे हरियाणा में इतिहास बनाने का काम किया था। इसी तरह वर्ष 2016 में भर्ती हुए कॉन्ट्रैक्ट के चालक साथियों ने आंदोलन में आगे रहते हुए हड़ताल करने का काम किया था।
अब फिलहाल हांसी, हिसार और सिरसा डिपो में हड़ताल चल रही है और इसमें HKRN के तहत भर्ती हुए परिचालकों व अन्य स्टाफ ने हड़ताल के लिए पक्के कर्मचारियों के साथ आंदोलनरत है और धरना दे रहे है। इसलिए पूरे हरियाणा प्रदेश के सभी डिपो और सब डिपो में HKRN के कर्मचारियों के लिए एक नई मिसाल पेश की है कि रोडवेज में भर्ती होने वाला एक-एक कर्मचारी पहले दिन से ही रोडवेज का वो सिपाही बन जाता है जो हर आंदोलन में आगे बढ़कर भाग लेता है।
इसलिए रोडवेज कर्मचारियों को पूरा भरोसा है कि 5 व 6 नवंबर को होने वाले चक्का जाम में प्रदेशभर में रोडवेज में लगे HKRN चालक व परिचालक भी बढ़ चढ़कर भाग लेंगे।


