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जयपुर के विद्यार्थी बनेंगे मानसिक स्वास्थ्य के प्रहरी, मन दर्पण-2 अभियान के तहत मिला विशेष प्रशिक्षण

जयपुर में मन दर्पण-2 अभियान के माध्यम से विद्यार्थियों को मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक किया गया ताकि वे समाज में फैली भ्रांतियों को दूर कर सकें।

जयपुर में मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग लेते विद्यार्थी
जयपुर में मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग लेते विद्यार्थी

जयपुर। जयपुर में मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से एक विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम और ज्ञान संजीवनी एनजीओ के संयुक्त तत्वावधान में मन दर्पण-2 अभियान के तहत विद्यार्थियों को मानसिक तनाव और चिंता जैसे विषयों पर व्यावहारिक जानकारी दी गई। इस कार्यक्रम में मनोरोग केंद्र के विभागाध्यक्ष डॉ. सुरेश गुप्ता ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की।

जिला नोडल अधिकारी डॉ. गजानंद वर्मा ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए मानसिक स्वास्थ्य के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने समाज में मानसिक बीमारियों को लेकर व्याप्त गलत धारणाओं और सामाजिक भ्रांतियों को दूर करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि मानसिक रूप से परेशान व्यक्तियों के प्रति संवेदनशीलता और सकारात्मक व्यवहार अपनाना आज के समय की बड़ी जरूरत है।

प्रशिक्षण के दौरान मनोरोग नर्सिंग अधिकारी संजय मित्तल ने तनाव और चिंता के लक्षणों को पहचानने के तरीके समझाए। उन्होंने विद्यार्थियों को मोबाइल के संतुलित उपयोग, पर्याप्त नींद लेने और तनाव प्रबंधन के सरल उपाय बताए। उन्होंने स्पष्ट किया कि मानसिक परेशानी होने पर किसी भरोसेमंद व्यक्ति से बात करना कमजोरी नहीं, बल्कि एक समझदारी भरा कदम है।

इस अभियान का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को सामुदायिक सहभागिता के लिए प्रेरित करना है। विद्यार्थियों को प्रोत्साहित किया गया कि वे अपने घर, स्कूल और मोहल्लों में जाकर मानसिक स्वास्थ्य का संदेश फैलाएं। वे पोस्टर, नारे और आपसी संवाद के माध्यम से लोगों को जागरूक कर सकते हैं। इसके अलावा, नशा मुक्ति और बुलिंग की रोकथाम में भी उनकी भूमिका महत्वपूर्ण बताई गई।

विद्यार्थियों को यह भी समझाया गया कि मानसिक परेशानी से जूझ रहे किसी भी व्यक्ति का मजाक उड़ाने के बजाय उनकी बात धैर्यपूर्वक सुनें। उन्हें जरूरत पड़ने पर शिक्षक, स्वास्थ्यकर्मी या विशेषज्ञ से संपर्क करने के लिए प्रेरित करें। कार्यक्रम में टेली-मानस हेल्पलाइन नंबर 14416 के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी गई ताकि जरूरतमंद लोग समय पर परामर्श ले सकें।

कार्यक्रम के समापन पर विद्यार्थियों से आह्वान किया गया कि वे एक स्वस्थ समाज के निर्माण में अपनी सक्रिय भागीदारी निभाएं। मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता का यह संदेश जन-जन तक पहुंचाकर वे सामाजिक भ्रांतियों को मिटाने में बड़ी भूमिका निभा सकते हैं।

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