जयपुर। जयपुर में युवाओं और आमजन को तंबाकू के दुष्प्रभावों से बचाने के लिए चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने टोबेको फ्री यूथ कैम्पेन 4.0 के तहत 60 दिवसीय विशेष अभियान की शुरुआत की है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य तंबाकू मुक्त वातावरण तैयार करना और शिक्षण संस्थानों को पूरी तरह से तंबाकू मुक्त बनाना है। जिला, ब्लॉक और ग्राम स्तर पर विभिन्न जागरूकता और प्रवर्तन गतिविधियां आयोजित की जाएंगी ताकि तंबाकू सेवन की प्रवृत्ति पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।
अभियान की रूपरेखा तैयार करने के लिए संयुक्त निदेशक एवं एसएनओ-एनटीसीपी डॉ. एस. एन. धौलपुरिया ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. रवि शेखावत और डॉ. मनीष मित्तल ने बताया कि इस अभियान में छह प्रमुख रणनीतियों पर जोर दिया जाएगा। इनमें तंबाकू उत्पादों के नुकसान के प्रति जन-जागरूकता, तंबाकू मुक्त शिक्षण संस्थान गाइडलाइन का पालन, और तंबाकू मुक्त ग्राम की अवधारणा को बढ़ावा देना शामिल है।
प्रशासन सिगरेट एवं अन्य तंबाकू उत्पाद अधिनियम 2003 और इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट प्रतिबंध अधिनियम 2019 के प्रावधानों के तहत सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करेगा। डिप्टी सीएमएचओ डॉ. मनु शेखावत और डॉ. सुरेन्द्र गोयल ने बताया कि स्कूलों और कॉलेजों में विद्यार्थियों को तंबाकू के घातक परिणामों के बारे में शिक्षित किया जाएगा। युवाओं को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा ताकि वे अपने परिवार और समाज को भी तंबाकू मुक्त बनाने में योगदान दे सकें।
अभियान के दौरान सोशल मीडिया का उपयोग जागरूकता फैलाने के लिए किया जाएगा और कॉलेज एवं विश्वविद्यालयों की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी। सभी गतिविधियों की प्रतिदिन रिपोर्टिंग भारत सरकार के राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम पोर्टल पर की जाएगी। जिला और ब्लॉक स्तर पर नियमित मॉनिटरिंग के जरिए निर्धारित लक्ष्यों को प्राप्त करने का प्रयास किया जाएगा।
स्वास्थ्य विभाग ने अभिभावकों, शिक्षकों और विद्यार्थियों से अपील की है कि वे तंबाकू से दूर रहें और तंबाकू मुक्त जयपुर के निर्माण में अपनी भागीदारी निभाएं। यह अभियान न केवल युवाओं को सुरक्षित रखने का प्रयास है, बल्कि सार्वजनिक स्थानों पर कानूनी प्रावधानों को सख्ती से लागू करने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है।


