अमरोहा से हरिद्वार द्वारा नया एक्सप्रेस वे बनाने के लिए सरकार द्वारा जमीन अधिग्रहण की तैयारी शुरू कर दी है। इस जमीन से हरिद्वार गंगा एक्सप्रेस-वे का विस्तार के लिए जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा। यह एक्सप्रेस वे यूपी के 52 गांवों से होकर निकलेगा। 52 गांवों से जहां से एक्सप्रेस वे निकलेगा, उस जमीन का चयन कर लिया और इसमें इन गांवों के 950 किसानों की जमीन इस एक्सप्रेस वे के अधिग्रहण में आने वाली है।
एक्सप्रेस वे की जमीन अधिग्रहण के बदले में किसानों को उनकी जमीन का सर्किल रेट से चार गुना मुआवजा दिया जाएगा। ऐसे में जिन किसानों की जमीन इस एक्सप्रेस वे में आई है वह मालामाल होने वाले है। इसके अलावा जिन गांवों से होकर यह एक्सप्रेस वे निकलेगा, वहीं की जमीन के रेट भी आसमान छूने वाले है, क्योंकि इन गांवों की जमीन पर भविष्य में नए इंडस्ट्री कारिडोर स्थापित किया जाएंगे, ताकि यहां पर नए उद्योग स्थापित हो सके। इसके अलावा आवासीय कालोनी भी विकसित की जाएगी।
गंगा एक्सप्रेसवे का होगा विस्तार
एनएएचआई द्वारा गंगा एक्सप्रेस वे का विस्तार करने की योजना बनाई है। गंगा एक्सप्रेस वे मेरठ से प्रयागराज तक बनकर तैयार हो चुका है, अब इस एक्सप्रेस वे का विस्तार अमरोहा से हरिद्वार तक उसके विस्तारीकरण किया जाएगा, ताकि दोनों धार्मिक स्थलों का सीधी कनेक्टिविटी हो सके। ऐसे में प्रशासन ने 52 गांवों की जमीन के दरों का निर्धारण की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
इसकी रिपोर्ट बनाकर उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवेज औद्योगिक विकास प्राधिकरण को भेजी जा रही है, ताकि जिन किसानों को जमीन इसमें उनको जमीन को खरीदकर बैनामे कराए जाएंगे। इस एक्सप्रेस वे के माध्यम से 147 किलोमीटर की दूरी को कम करने का काम किया जा रहा है।
सरकार ने हाल ही में नए सर्किल रेट किए थे निर्धारित
प्रशासन के लिए राहत की बात है कि सरकार द्वारा 11 सितंबर को जिले में जमीनों के नए सर्किल रेट निर्धारित किए थे। ऐसे में इस एक्सप्रेस वे के में 17 गांव हसनपुर व 35 गांव मंडी धनौरा तहसील के आएंगे। इसके अलावा किसानों की जमीन के साथ इसमें आने वाले पेड़ों व बिजली के पोलों का सर्वे पूरा हो गया है। जिला विशेष अध्याप्ति अधिकारी करमेंद्र सिंह ने बताया कि जमीनों के दरों के निर्धारण के लिए यूपीडा को रिपोर्ट मंडलायुक्त के जरिए भिजवाई जा रही है। दरें तय होते ही बैनामे कराए जाएंगे।
इन 52 से होगा गंगा एक्सप्रेस वे का विस्तार
गंगा एक्सप्रेस वे के लिए सर्वे हो चुका है। जहां पर जिन गांवों की जमीन से होकर निकलेगा, उनकी भी रिपोर्ट तैयार कर ली गई है। इसमें अमरोहा के रुखालू, शकरौली, गुलामपुर, भैंसरोली, बाईखेड़ा, लुहारी खादर, सोहरका, दीपपुर, आगापुर कला, मछरई, याकूबपुर, सेमला, बसेरा खुर्द, आलमपुर, आब्दीपुर, कटाई, पूठी, अटाली मुरीदपुर, मीरपुर, बल्दाना असगरी अली खान, जलालपुर कला, झनकपुरी, बस्तौरा माफी, यकबगड़ी, बस्तौरा, शेखूपुर शुमाली, रायपुर शुमाली, देहरा घनश्याम,
नंगलिया बहादरपुर, बैरमपुर, भूड़, अफजलपुर लूट, मोहम्मदी माफी, हाशमपुर भूड़, कौराला, होशंगपुर उर्फ कटपुरा, चक कुआखेड़ा, कुआखेड़ा, बाखरपुर माफी, छज्जूपुरा माफी, भटौला शुमाली, टोनिया माफी, हैवतपुर चौधरियान, पेली, बढ़पुरा, खंडसाल, रसौती, वंशगोपाल पुर, डींगरा, पट्टीपारा माफी, पारा खालसा, वालीपुर गांव से होकर निकलेगा। ऐसे में इन गांवों की जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा।