जयपुर। राजस्थान में प्रारंभिक शिक्षा और पोषण के ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने राज्य के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों को प्ले स्कूल के रूप में विकसित करने के निर्देश दिए हैं। जयपुर के गांधीनगर स्थित समेकित बाल विकास सेवाएं निदेशालय में आयोजित एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान उन्होंने पोषण 2.0 और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की कार्यप्रणाली की विस्तृत समीक्षा की।
मुख्य सचिव ने तीन से छह वर्ष के बच्चों के लिए शाला पूर्व शिक्षा की दैनिक समय सारणी पर विशेष चर्चा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे नियमित रूप से केंद्रों का दौरा करें और जमीनी स्तर पर आ रही कठिनाइयों को समझकर उनमें सुधार सुनिश्चित करें। उन्होंने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि उनके प्रयासों से ही सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम छोर तक पहुंचता है।
प्रशासन ने उन 100 उत्कृष्ट आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को सम्मानित और उनके कार्यों को संकलित करने का निर्णय लिया है, जिन्होंने अपने केंद्रों को प्ले स्कूल की तरह विकसित करने में सराहनीय कार्य किया है। इससे अन्य कार्यकर्ताओं को भी प्रेरणा मिलेगी। बैठक में 'कैश प्लस मॉडल' की प्रशंसा की गई, जो प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना और मुख्यमंत्री मातृत्व पोषण योजना के माध्यम से गर्भवती महिलाओं को प्रत्यक्ष लाभ और व्यवहार परिवर्तन संचार से जोड़ता है।
बच्चों में विकासात्मक विलंब की पहचान के लिए मुख्य सचिव ने फील्ड कार्यकर्ताओं की क्षमता बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने यूनिसेफ के साथ मिलकर डिजिटल प्रबंधन पर कार्य करने के निर्देश दिए ताकि बच्चों के स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का समय रहते प्रबंधन किया जा सके। साथ ही, एएनएम, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और आशा सहयोगिनी के बीच बेहतर तालमेल बनाने के लिए कहा गया ताकि स्वास्थ्य सेवाओं का स्तर और बेहतर हो सके।
राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर मुख्य सचिव ने सरदार वल्लभभाई पटेल को पुष्पांजलि अर्पित की और निदेशालय परिसर में पौधरोपण भी किया। इस बैठक में महिला एवं बाल विकास विभाग की शासन सचिव पूनम, आईसीडीएस निदेशक वासुदेव मालावत सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और यूनिसेफ व आईपीई ग्लोबल के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।


