केंद्र सरकार द्वारा कर्मचारियों का महंगाई भत्ता यानी डीए को तीन प्रतिशत बढ़ाने के बाद राज्य सरकारों ने कर्मचारियों को तोहफा देना शुरू कर दिया है। वीरवार सुबह जहां एमपी सरकार ने कर्मचारियों के डीए में दो प्रतिशत की बढ़ोतरी की, वहीं शाम को राजस्थान सरकार द्वारा लाखों कर्मचारी व सेवानिवृत कर्मचारियों को डीए व डीआर क तौर पर बड़ा तोहफा दिया है।
राजस्थान सरकार ने कर्मचारी व सेवानिवृत कर्मचारियों के डीए व डीआर को तीन प्रतिशत बढ़ा दिया है। राजस्थान सरकार की इस योजना का 12 लाख कर्मचारी व सेवानिवृत कर्मचारियों का लाभ मिलने वाला है। जहां पर सात लाख सरकारी कर्मचारी है वहीं पांच लाख सेवानिवृत कर्मचारियों को डीआर का लाभ मिलने वाला है। इसके अलावा राजस्थान सरकार द्वारा 6 लाख कर्मचारियों को दिवाली पर सात हजार रुपये का बोनस देने के फैसला लिया है। राजस्थान सरकार के इस फैसले से करीब 820 करोड़ का आर्थिक भार आएगा।
केंद्र सरकार के सम्मान राजस्थान के कर्मचारियों को मिलेगा लाभ
राजस्थान सरकार कर्मचारियों पर पूरी तरह से मेहरबान है। जहां पर राजस्थान के कर्मचारियों को केंद्रीय कर्मचारियों की तर्ज पर ही डीए व डीआर दिया जा रहा है। केंद्र सरकार ने दो दिन पहले ही 60 प्रतिशत से डीए को बढ़ाकर 63 प्रतिशत किया था। वहीं राजस्थान के कर्मचारियां व सेवानिवृत को 60 प्रतिशत डीए व डीआर मिल रहा था। वीरवार को सीएम भजनलाल ने डीए व डीआर को तीन प्रतिशत बढ़ा दिया है। ऐसे में राजस्थान के कर्मचारी व सेवानिवृत को अब 63 प्रतिशत डीए व डीआर मिलने वाला है।
राजस्थान कर्मचारियों को डीए का गणित
राजस्थान के कर्मचारियों व सेवानिवृत कर्मचारियों को प्रति माह 500 से लेकर 4500 रुपए तक होगा फायदा होगा। सरकारी कर्मचारियों और अफसरों को वेतनमान के हिसाब से अलग-अलग फायदा होगा। लेवल 1 से लेकर एल-24 तक वेतनमान के हिसाब से अलग-अलग राशि बनती है। डीए बढ़ने से 500 से लेकर 4500 रुपए तक प्रति माह वेतन में बढ़ोतरी होगी।
तीन माह का मिलेगा एरियर
राजस्थान सरकार द्वारा बढ़ा गए डीए को जुलाई माह से लागू किया है। इसका लाभ कर्मचारियों को जुलाई माह से मिलने वाला है। इससे कर्मचारी व सेवानिवृत कर्मचारियों को तीन माह का तीन प्रतिशत एरियर भी मिलने वाला है।
राजस्थान के छह लाख कर्मचारियों के खाते में आएंगे 7000 रुपए
6 लाख कर्मचारियों को अधिकतम 7000 रुपए तक एडहॉक बोनस मिलेगा। बोनस का लाभ पे-मैट्रिक्स लेवल L-12 तक के कर्मचारियों को ही मिलता है। चालू वित्त वर्ष में बोनस से सरकार पर 406 करोड़ का अतिरिक्त भार पड़ेगा। बोनस का 75% हिस्सा नकद दिया जाएगा, और 25% हिस्सा कर्मचारियों के GPF खातों में जमा किया जाएगा।


