राजस्थान में बिजली बिल के तरीके में बदलाव किया गया है। अब बिजली उपभोक्ताओं को बिजली बिल आने का इंतजार नहीं करना पड़ेगा, बल्कि उनक मोबाइल पर उपलब्ध हो जाएगा। बिजली बिल की हार्ड कॉपी का इंतजार अब स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं के लिए जरूरी नहीं रहेगा। अजमेर विद्युत वितरण निगम (अजमेर डिस्कॉम) ने नवंबर के बिलिंग माह से 63 उपखंडों में स्मार्ट बिलिंग सेवा शुरू करने की तैयारी की है।
इसके तहत बिल जनरेट होते ही उपभोक्ताओं के मोबाइल पर मैसेज से लिंक भेजा जाएगा, जिससे बिल डाउनलोड किया जा सकेगा। इसके अलावा उपभोक्ता बिजली मित्र ऐप और पोर्टल से भी बिल डाउनलोड कर सकेंगे। इस व्यवस्था में उदयपुर के 12 उपखंड शामिल है। शहर और पेराफेरी के 9 उपखंड, जबकि जिले के 3 उपखंड में यह व्यवस्था लागू होगी। कुल 12 उपखंड में 219360 उपभोक्ता, जबकि शहर व पेराफेरी के 160778 उपभोक्ता इससे जुड़ सकेंगे।
इसलिए लागू की व्यवस्था
स्मार्ट बिलिंग सेवा का उद्देश्य उपभोक्ताओं को डिजिटल माध्यम से बिजली बिल उपलब्ध कराना है। नई व्यवस्था में बिल की जानकारी प्राप्त करने के लिए कागजी बिल पर निर्भर रहने की जरूरत नहीं होगी। उपभोक्ता घर बैठे अपने कंज्यूमर नंबर यानी के नंबर के माध्यम से बिल देख सकेंगे। एसएमएस से प्राप्त लिंक के जरिये बिल अधिकतम दो बार डाउनलोड किया जा सकेगा।
उदयपुर के 12 उपखंडों में होगा बदलाव
नवंबर के बिलिंग माह के लिए चयनित उपखंडों में उदयपुर के अंबामाता, पीएच-1, पीएच-2 अशोकनगर, मादड़ी, सवीना, सेक्टर-4. देबारी, गिर्वा, मावली, भींडर और कुराबड़ शामिल हैं। इसके अलावा अजमेर और भीलवाड़ा सर्कल के सभी संबंधित उपखंडों तथा डीडवाना-कुचामन, डूंगरपुर, झुंझुनू, नागौर, राजसमंद और सीकर के निर्धारित उपखंडों में भी यह सुविधा लागू की जा रही है।
बिजली मित्र ऐप से ऐसे डाउनलोड करें बिल
उपभोक्ता सबसे पहले प्ले स्टोर या ऐप स्टोर से बिजली मित्र ऐप डाउनलोड करें। इसके बाद कंज्यूमर नंबर से लॉगिन करें अथवा मोबाइल नंबर के माध्यम से पंजीकरण करें।
फिर के नंबर से बिल डाउनलोड करने के विकल्प का उपयोग करें। पोर्टल से भी यही सुविधा उपलब्ध रहेगी। डिस्कॉम ने स्मार्ट मीटर कंज्यूमर से नम्बर अपडेट रखने की अपील की है।
लागू हो रही नई व्यवस्था के तहत बिजली बिल की जानकारी डिजिटल माध्यम से उपलब्ध होगी, जिससे उपभोक्ता अपनी सुविधा के अनुसार कभी भी बिल देख और डाउनलोड कर सकेंगे।
मोबाइल नम्बर अपडेट होना जरूरी
डिजिटल बिलिंग से उपभोक्ताओं को बिल प्राप्त करने और उसे सुरक्षित रखने में सुविधा मिलेगी। हालांकि, इसका लाभ लेने के लिए बिल में दर्ज मोबाइल नंबर का अपडेट होना जरूरी है। जिन उपभोक्ताओं के मोबाइल नंबर और ई-मेल आइडी पंजीकृत नहीं हैं, उन्हें इन्हें अपडेट करवाना होगा, ताकि बिल तैयार होने पर समय पर सूचना मिल सके।