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हरियाणा के गेस्ट टीचरों को सरकार ने दिया झटका, पक्के नहीं होंगे अतिथि अध्यापक, स्पीकिंग ऑर्डर जारी

हरियाणा के गेस्ट टीचरों को सरकार ने दिया झटका, पक्के नहीं होंगे अतिथि अध्यापक, स्पीकिंग ऑर्डर जारी

Haryana Guest Teacher : हरियाणा के सरकारी स्कूलों में कार्यरत गेस्ट टीचरों को नियमित होने का सपना शिक्षा विभाग ने तोड़ दिया है। अदालत के आदेशों के बाद से गेस्ट टीचरों को उम्मीद जगी थी कि उनको पक्का हो जाएंगे, लेकिन 21 साल से सेवा दे रहे गेस्ट टीचरों को शिक्षा विभाग ने स्पीकिंग आर्डर जारी कर दिए कि गेस्ट टीचरों की नियुक्ति नियमित भर्ती के मानकों के हिसाब से नहीं हुई है।

ऐसे में इन गेस्ट टीचरों को वर्ष 2014 की नियमितकरण की नीति का लाभ नहीं दिया जाएगा। हालांकि नियमित करने की मांग को लेकर गेस्ट टीचर लगातार आंदोलनरत है और पिछले दिनों अदालत के आए फैसले के बाद उनको नियमित होने की उम्मीद जगी थी।

अब सरकार के आदेश पर विभाग द्वारा जारी नए आदेश का गेस्ट टीचर फिर से अदालत में लेकर जा सकते हैं, लेकिन इस बार सरकार ने आदेश दिए कि कर्मचारियों के नियमित होने से संबंधित केसों की अदालत में सरकार द्वारा कड़ाई से पैरवी की जाएगी। यह आदेश सुखविंदर सिंह बनाम हरियाणा राज्य मामले में पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट के निर्देशों के अनुपालन में जारी किया गया है।

हाईकोर्ट दे चुका है कि नियमित करने के आदेश

पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट की एकल पीठ 25 मई 2026 को याचिका के आधार पर कर्मचारियों को नियमित करने का निर्देश दिया था, लेकिन राज्य सरकार ने छह अगस्त 2026 को खंडपीठ ने व्यवस्था दी कि दावे का फैसला उपलब्ध तथ्यों और कानून के स्थापित सिद्धांतों के आधार पर किया जाए। यदि नियमितीकरण का दावा नीति के तहत बनता है तो लाभ दिया जाए।

अगर नियमित करने का प्रावधान नहीं है तो सरकार उचित कारणों के साथ स्पीकिंग आर्डर जारी कर सकता है, लेकिन अब शिक्षा विभाग ने आर्डर जारी करके गेस्ट टीचरों को पक्का करने से इंकार कर दिया है और कहा कि गेस्ट टीचरों की भर्ती नियमित भर्ती की प्रक्रिया को पूरा नहीं करती है। इसलिए उनको नियमित करने का लाभ नहीं मिलेगा।

स्थानीय जरूरत के हिसाब से लगाए थे गेस्ट टीचर

वर्ष 2005 में स्कूलों में टीचरों की कमी को देखते हुए हरियाणा सरकार द्वारा गेस्ट टीचरों को प्रति पीरियड के आधार पर लगाया था। जहां पर स्कूलों के प्राचार्यों, मुख्याध्यापको और अधिकारियों ने ही इन गेस्ट टीचरों की नियुक्ति कर दी थी। अब शिक्षा विभाग का तर्क है कि यह नियमित भर्ती नहीं, बल्कि सीमित अवधि के लिए काम लेने की व्यवस्था थी।

नियुक्तियों में नियमित भर्ती की तरह केंद्रीकृत चयन, परीक्षा आधारित मेरिट और आरक्षण प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया। नियुक्तियों को 2014 की नियमितीकरण नीतियों के दायरे में लाना संभव नहीं है। सरकार ने 16 और 18 जून 2014 की नीतियों का हवाला देते हुए कहा कि निर्धारित अवधि की सेवा, आवश्यक शैक्षणिक योग्यता, स्वीकृत रिक्त पद और अन्य शर्तों को पूरा करना अनिवार्य है। इन शर्तों में छूट देने का प्रविधान नहीं है।

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