सीकर। सीकर के फतेहपुरी गेट स्थित ऐतिहासिक जानकी नारायण मंदिर में रविवार को शरद पूर्णिमा का महोत्सव अत्यंत धूमधाम और श्रद्धा के साथ संपन्न हुआ। सुबह से ही मंदिर परिसर में भक्तों का तांता लग गया, जो देर शाम तक जारी रहा। मंदिर को आकर्षक फूलों और रोशनी से सजाया गया था, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा था।
मंदिर के महंत लक्ष्मणाचार्य जी महाराज के सानिध्य में भगवान श्री जानकी नारायण का विशेष अभिषेक और श्रृंगार किया गया। इस दौरान वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजा-अर्चना की गई। महंत जी ने बताया कि शरद पूर्णिमा की रात का विशेष महत्व है और इस दिन चंद्रमा की किरणों से अमृत वर्षा होती है, जो भक्तों के लिए कल्याणकारी मानी जाती है।
शाम के समय मंदिर में भजन-कीर्तन का भव्य आयोजन किया गया। सीकर की कई भजन मंडलियों ने अपनी सुरीली आवाजों से भगवान की स्तुति की, जिससे उपस्थित श्रद्धालु मंत्रमुग्ध हो गए। चंद्रमा की चांदनी में भगवान की महाआरती की गई, जिसमें बड़ी संख्या में भक्तों ने भाग लिया और अपने जीवन में सुख-समृद्धि की कामना की।
कार्यक्रम के समापन पर श्रद्धालुओं के बीच विशेष प्रसादी का वितरण किया गया। शरद पूर्णिमा के उपलक्ष्य में खीर का प्रसाद मुख्य आकर्षण रहा, जिसे सैकड़ों भक्तों ने ग्रहण किया। इस अवसर पर पूर्व विधायक रतन जलधारी और पार्षद भवानी शंकर विशेष रूप से उपस्थित रहे। मंदिर कमेटी के सदस्यों ने व्यवस्थाओं को सुचारू रूप से संचालित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
यह आयोजन सीकर की समृद्ध सांस्कृतिक और धार्मिक परंपराओं का प्रतीक बना। बड़ी संख्या में स्थानीय निवासियों की उपस्थिति ने इस उत्सव को और भी भव्य बना दिया। मंदिर में उमड़ी भीड़ ने यह सिद्ध कर दिया कि आज भी लोग अपनी प्राचीन मान्यताओं और त्योहारों को पूरी निष्ठा के साथ मनाते हैं।


