भरतपुर। भरतपुर जिले में अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए एक व्यापक अभियान चलाया है। जिला पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार मीणा के निर्देशन में पुलिस ने चोरी, मारपीट और अवैध सट्टेबाजी जैसे मामलों में बड़ी सफलता हासिल की है। इस कार्रवाई के दौरान पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि दो विधि से संघर्षरत बालकों को निरुद्ध कर सुधार गृह भेजने की प्रक्रिया शुरू की गई है।
सट्टेबाजी के खिलाफ चलाए गए विशेष अभियान में पुलिस ने मथुरा गेट, बयाना और रूपवास थाना क्षेत्रों में दबिश दी। इस दौरान वीरेंद्र सिंह, प्रवीण और दिलीप नामक तीन सटोरियों को रंगे हाथों पकड़ा गया। पुलिस ने इनके पास से 19,520 रुपये की नकदी और सट्टेबाजी में इस्तेमाल होने वाले उपकरण जब्त किए हैं। पुलिस का कहना है कि अवैध गतिविधियों के खिलाफ यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।
चोरी की घटनाओं पर लगाम लगाने के लिए पुलिस ने रुदावल थाना क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए सौरभ और गौरव को गिरफ्तार किया है। इन पर खेड़ा ठाकुर गांव स्थित इंदिरा रसोई से कंप्यूटर सीपीयू और गैस सिलेंडर चोरी करने का आरोप है। परिवादी सुनीता देवी की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। इसके अलावा, चिकसाना थाना क्षेत्र में बाइक चोरी के मामले में दो बालकों को निरुद्ध किया गया है, जिनसे पूछताछ की जा रही है।
मारपीट के मामलों में भी पुलिस ने वांछित अपराधियों की धरपकड़ तेज कर दी है। गहनौली मोड़ थाना क्षेत्र के खनुआ गांव में मारपीट के एक पुराने मामले में फरमान नामक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। सुबराती नामक व्यक्ति ने आरोप लगाया था कि फरमान और उसके साथियों ने लाठी-डंडों से हमला कर उन्हें घायल कर दिया था। पुलिस ने इस मामले में आरोपी को गिरफ्तार कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार मीणा ने स्पष्ट किया है कि जिले में किसी भी प्रकार की असामाजिक गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पुलिस की यह कार्रवाई आम जनता में सुरक्षा का भाव पैदा करने और अपराधियों में डर कायम करने के उद्देश्य से की गई है। सभी मामलों में संबंधित धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज कर लिए गए हैं और आगे की जांच जारी है।


