Rajasthan News : राजस्थान सरकार द्वारा प्रदेश के छह जिलों के लिए बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने नई अधिसूचना जारी करके छह गांव को यूडीए यानी नगरीय विकास एवं आवासन विभाग से बाहर कर दिया है। इसके लिए संशोधित अधिसूचना जारी कर दी है। उदयपुर संभागीय और जिला प्रशासन की फील्ड रिपोर्ट के आधार पर शासन उपसचिव डॉ. राष्ट्रदीप यादव ने राज्यपाल के आदेश से इसकी संशोधित अधिसूचना जारी की है। इस निर्णय से ग्रामीण परिवेश और मुख्य रूप से आदिवासी बाहुल्य आबादी को यूडीए के सख्त नियमों, भू-उपयोग परिवर्तन और निर्माण संबंधी जटिलताओं से बड़ी राहत मिली है।
राजस्थान के इन गांव को यूडीए की सीमा से किया बाहर
राजस्थान सरकार द्वारा जारी नई संशोधित अधिसूचना के तहत उदयपुर जिले की दो तहसीलों के अंतर्गत आने वाले गांवों को यूडीए पेरीफेरी से बाहर कर दिया है और इन गांव को यूडीए कर से बाहर करके गांव का मूल दर्जा को बहाल कर दिया है। अधिसूचना के तहत इसमें बारापाल तहसील के उन्दरीखुर्द (छोटी उंदरी), पोपल्टी, फांदा और अलसीगढ़ और गोगुंदा तहसील के भादवीगुड़ा और नया गुड़ा गांव शामिल किया है। इसके बाद इन गांवों के लोगों को यूडीए के लगने वाले कर से राहत मिलेगी।
प्रशासनिक रिपोर्ट बनी आधार
इन गांवों को लेकर उदयपुर प्रशासन की तरफ से समीक्षा की गई थी। इसमें संभागीय आयुक्त प्रज्ञा केवलरमानी, कलक्टर गौरव अग्रवाल और यूडीए कमिश्नर अभिषेक खन्ना ने जमीनी वास्तविकताओं और स्थानीय आपत्तियों का परीक्षण कर सरकार की सकारात्मक रिपोर्ट भेजी थी। जहां पर इसमें इन गांव को यूडीए से बाहर करने का सुझाव दिया गया था।
सरकार की तरफ से इस पर सहमति जता दी थी। अधिकारियो की अनुंशसा यानी रिपोर्ट के आधार पर ही यूडीए मंत्री झाबर सिंह खर्रा के स्तर पर फाइल का अनुमोदन कर आदेश जारी हुए है। अब सरकार द्वारा इन गांव को यूडीए सीमा से बाहर करने की अधिसूचना जारी कर दी।


