देश में चल रही वंदेभारत ट्रेन से यात्रियों का सफर सुपरफास्ट के साथ आरामदेय बन रहा है। चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन से दिल्ली की तरफ रवाना होने वाली दो वंदे भारत एक्सप्रेस के समय में सिर्फ 15 मिनट का अंतर यात्रियों और रेलवे दोनों के लिए मुसीबत बन गया है। बैक-टू-बैक ट्रेनें छूटने से स्टेशन पर प्लेटफॉर्म और ट्रैक पर दबाव बढ़ रहा है, जिसका सीधा असर दिल्ली से चंडीगढ़ आने वाली गाड़ियों की पंक्चुएलिटी पर पड़ रहा है।
इस समस्या से निपटने के लिए उत्तर रेलवे के अंबाला मंडल ने अंब अंदौरा-चंडीगढ़-नई दिल्ली वंदे भारत (22448) के प्रस्थान समय में बदलाव का प्रस्ताव भेजा है। योजना के अनुसार, 1 जनवरी से लागू होने वाली नए टाइम टेबल में इस ट्रेन को दोपहर 3:30 बजे के बजाय शाम 4:40 बजे चंडीगढ़ से रवाना करने की तैयारी है। इससे स्टेशन पर भीड़ कम होगी और यात्रियों को दिल्ली यात्रा के लिए बेहतर विकल्प मिलेंगे।
बुधवार को नो-सर्विस का शेड्यूल बदला जाए
फिलहाल बुधवार दोपहर 3:15 बजे जाने वाली चंडीगढ़-अजमेर वंदे भारत और दोपहर 12 बजे चलने वाली चंडीगढ़-नई दिल्ली शताब्दी दोनों बंद रहती हैं। मेंटेनेंस का हवाला देकर एक ही दिन दो प्रमुख ट्रेनें बंद रखने से यात्रियों को भारी परेशानी होती है। मंडल ने सुझाव दिया है कि शताब्दी का मेंटेनेंस डे गुरुवार किया जाए, ताकि बुधवार को भी दिल्ली के लिए ट्रेन उपलब्ध रहे।
8 घंटे तक प्लेटफॉर्म पर खड़ी रहती हैं दो ट्रेनें, इन्हें सहारनपुर तक बढ़ाएं
फिरोजपुर-चंडीगढ़ एक्सप्रेस (14614) और अमृतसर-चंडीगढ़ एक्सप्रेस (14542) चंडीगढ़ स्टेशन पर रोजाना 8 से 9 घंटे खड़ी रहती हैं। इससे दो प्लेटफॉर्म लगातार ब्लाक रहते हैं। जगह न मिलने के कारण जनशताब्दी, लखनऊ-चंडीगढ़, यशवंतपुर-चंडीगढ़, डिब्रूगढ़-चंडीगढ़ और पश्चिम एक्सप्रेस जैसी ट्रेनों को आउटर (अंबाला या मोहाली के पास) पर घंटों रोकना पड़ता है। यदि इन ट्रेनों को सहारनपुर तक विस्तारित कर दिया जाए, तो प्लेटफॉर्म खाली होंगे, रेलवे को अतिरिक्त रेवेन्यू मिलेगा और यात्रियों को सहारनपुर के लिए सीधी सुविधा मिलेगी।
रेलवे प्रवक्ता ने बताया कि डिवीजन की ओर से प्रस्ताव भेज दिया गया है और बड़ौदा हाउस स्थित ऑपरेशन्स विंग इस पर काम कर रहा है। यात्रियों की असुविधा को देखते हुए जल्द ही इन सुझावों को अमल में लाया जाएगा।


