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हरियाणा के इन 5 शहरों की नपेगी एक-एक इंच जमीन, भवनों का डेटा जाम होगा कंट्रोल रूम में

इस मेगा प्रोजेक्ट के तहत सभी खाली प्लाट, भवन, भवन कितना मंजिल बना है, इसकी ऊंचाई कितनी है, यह जमीन किसके नाम है, मकान वैध कालोनी में बनाया है या नहीं। इसका पूरा डाटा तैयार किया जाएगा। सरकार का प्लान है कि भविष्य में इन शहरों की प्लानिंग बनाने में इस डाटा का प्रयोग किया जा सकेगा और जो लोग सरकार को टैक्स के रूप में चूना लगा रहे है,

हरियाणा के इन 5 शहरों की नपेगी एक-एक इंच जमीन, भवनों का डेटा जाम होगा कंट्रोल रूम में

New Project Haryana : हरियाणा के टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग ने मेगा प्रोजेक्ट बनाया है। जहां पर शहरों की जमीन को एक-एक इंच नपा जाएगी। इस डाटा को जमा करवाने के लिए कंट्रोल रूम में बनाया गया है। इस मेगा प्रोजेक्ट के तहत सभी खाली प्लाट, भवन, भवन कितना मंजिल बना है, इसकी ऊंचाई कितनी है, यह जमीन किसके नाम है, मकान वैध कालोनी में बनाया है या नहीं।

इसका पूरा डाटा तैयार किया जाएगा। सरकार का प्लान है कि भविष्य में इन शहरों की प्लानिंग बनाने में इस डाटा का प्रयोग किया जा सकेगा और जो लोग सरकार को टैक्स के रूप में चूना लगा रहे है, उनकी लिस्ट तैयार हो सकेगी। टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग ने इसके लिए शुरुआत में हरियाणा के पांच शहरों का चयन किया गया है।

इसमें दो शहर करनाल व पानीपत में यह प्रोजेक्ट पर काम शुरू हो चुका है। जबकि दूसरे फेज में सोनीपत, झज्जर व महेंद्रगढ़ में इस अभियान की शुरुआत की जाएगी। टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग द्वारा इसके अंदर उनके कंट्रोल एरिया को शामिल किया जाएगा।

ड्रोन के माध्यम से तैयार किया जाएगा पूरा डाटा

टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग की तरफ से इन शहरों के कंट्रोल एरिया में ड्रोन से नजर रखी जाएगी। जहां पर ड्रोन के माध्यम से पता लगाया जाएगा कि कंट्रोल एरिया में कहां पर भवन बना है और कहां पर जमीन खाली है। पहले चरण करनाल व पानीपत में दस ड्रोन को लगाया गया है। सरकार की ओर से प्राइवेट ड्रोन मंगाकर यह कार्य कराया जाता था। प्राइवेट ड्रोन उड़ाने में इजाजत लेनी पड़ती थी। अब सरकार की ओर से दृश्या को यह कार्य सौंपा गया है

सभी भवनों के लिए डाटा कंट्रोल रूम बनाया

टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग के डीजी डॉ. जे गणेशन ने बताया कि इन शहरों में ड्रोन के माध्यम से सर्वे किया जाएगा। इसके माध्यम से पता लगाया जाएगा कि कोई भवन कितने मंजिल है, किस दिशा में बना है, कितनी ऊंचाई है और यह कितने गज में बना हुआ है। राजस्व रिकार्ड में यह जमीन किसके नाम पर है। भविष्य में जगह या भवन की जानकारी एक क्लिक पर मिल जाएगी।

तस्वीर लेगा ड्रोन, फिर तैयार होगा डाटा

ड्रोन के माध्यम से पूरे शहर के हर कौने का सर्वे किया जाएगा। ड्रोन महज 5 सेंटीमीटर नजदीक से भवन की फोटो लेंगे। ड्रोन की मदद से आर्थो रेक्टोफाइड इमेज ली जाएगी। भविष्य में इन ड्रोन के माध्यम से ली गई तस्वीर के माध्यम से ही भवनों के नक्शे पास होंगे।

तस्वीर फ्रीज होने के साथ फील्ड स्टाफ भी मौके पर जांच करेगा। इसमें मालिक का नाम, पता, मकान, जमीन, कितने गज है, कितनी जगह खाली है। इससे भवनों के नक्शे पास कराने की तैयारी है। इसमें भवन की पूरी डिटेल होगी, जगह की जानकारी होगी। इससे कोई भी व्यक्ति किसी के मकान को अपना नहीं बता पाएगा।

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