Jaipur Times — जयपुर टाइम्स
देश और दुनियाहर खबर, आपकी भाषा में

सोयाबीन की कीमतों आया जबरदस्त उछाल, तमिलनाडु में 9000 रुपए प्रति क्विंटल तक पहुंचा भाव

सोयाबीन की कीमतों आया जबरदस्त उछाल, तमिलनाडु में 9000 रुपए प्रति क्विंटल तक पहुंचा भाव

Soyabean Rate Hike: सोयाबीन की कीमतों में जबरदस्त उछाल देखने को मिल रहा है। आज गुरुवार को तमिलनाडु की तमिलनाडु के विरुधुनगर जिले की थलवेपुरम मंडी और रामनाथपुरम जिले की परमकुडि व रमनथपुरम मंडी में सोयाबीन का अधिकतम भाव 9000 प्रति क्विंटल तक पहुंच गया है। सोयाबीन की लगातार बढ़ रही कीमतों से इस बार मप्र में किसानों का सोयाबीन की भावांतर भुगतान योजना में इस वर्ष रुझान नजर नहीं आ रहा है। आज मप्र की रतलाम नीमच मंदसौर मंडी सहित दूसरे जिलों की मंडियो में भी आज सोयाबीन की कीमतें 7200 प्रति क्विंटल के आसपास पहुंच गई हैं।

मप्र में सरकार दे रही है सोयाबीन का 5,708 रुपए प्रति क्विंटल एमएसपी रेट

मप्र में सरकार ने इस बार सोयाबीन का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) 5,708 रुपए प्रति क्विंटल तय किया है, जबकि रतलाम मंडी में सोयाबीन खुले तौर पर 7,200 रुपए प्रति क्विंटल तक बिक रही है। मंडी में MSP से करीब 1,500 रुपए अधिक दाम मिलने के कारण किसान भावांतर के झंझट में पड़ने के बजाय खुले बाजार में उपज बेचना पसंद कर रहे हैं। गौरतलब है कि पिछले साल 2025 में जिले में रिकॉर्ड 40,334 किसानों ने भावांतर योजना के तहत पंजीयन कराया था।

किसान कर रहे हैं सरकार की भावांतर स्कीम का विरोध

भारतीय किसान संघ के जिलाध्यक्ष ललित पालीवाल ने कहा कि संघ शुरू से भावांतर योजना के विरोध में रहा है, क्योंकि किसानों को इस व्यवस्था पर भरोसा नहीं है। संघ हमेशा सीधे समर्थन मूल्य पर सुनिश्चित खरीदी की मांग करता है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेजी के चलते कई वर्षों बाद किसानों को सोयाबीन के बेहतर दाम मिल रहे हैं। पिछले साल तो किसानों को लागत मूल्य भी नहीं मिल सका था और भावांतर के बावजूद वे घाटे में रहे थे।

मंडी के प्रमुख व्यापारी मनोज जैन के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहतर मांग के कारण बाजार मजबूत है और फिलहाल भाव में गिरावट की कोई संभावना नहीं दिख रही है। दिवाली तक यह तेजी बरकरार रहने के आसार हैं।

भाव बढ़ने के बाद मंडियों में कम हो रही है सोयाबीन की आवक

प्रदेश में अष्टमी, नवमी और दशहरे की तीन दिनी छुट्टियों के बाद बुधवार से कृषि उपज मंडी में दोबारा कारोबार शुरू हो गया है। भाव में लगातार हो रही बढ़ोतरी को देखते हुए किसानों ने अपनी उपज रोक ली है। मंडी में जहां रोजाना 14 से 15 हजार क्विंटल सोयाबीन की आवक हो रही थी, वह घटकर अब करीब 10 हजार क्विंटल पर आ गई है। किसान और बेहतर भाव मिलने के इंतजार में हैं।

आगे पढ़ें

ताज़ा खबरें, एक के बाद एक

स्क्रॉल करते रहें, अगली खबर अपने आप खुलेगी।

नशामुक्त भारत का संकल्प लेकर जयपुर पहुंची राष्ट्रीय मोटरसाइकिल रैली