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सिंहस्थ से पहले महू-नीमच हाईवे और दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे से होगी सीधी कनेक्टिविटी, जावरा-उज्जैन फोरलेन निर्माण में आई तेजी

सिंहस्थ से पहले महू-नीमच हाईवे और दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे से होगी सीधी कनेक्टिविटी, जावरा-उज्जैन फोरलेन निर्माण में आई तेजी

MP News: मध्य प्रदेश राज्य में डॉ मोहन यादव सरकार सिंहस्थ से पहले हाईवे और एक्सप्रेसवे का जाल बिछाने की तैयारी में जुट गई है। प्रदेश सरकार द्वारा महू नीमच हाईवे और दिल्ली मुंबई एक्सप्रेसवे (Delhi Mumbai Expressway) से सीधी कनेक्टिविटी हेतु जावरा उज्जैन फोरलेन हाईवे के निर्माण की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। जावरा उज्जैन फोरलेन हाईवे का निर्माण कार्य पूर्ण होने के बाद वाहन चालकों का सफर तो आसान होने के साथ शहरों पर ट्रैफिक लोड भी कम हो जाएगा।

यह फोरलेन ग्रीनफील्ड हाईवे वाहन चालकों को महू नीमच हाईवे (Mhow Neemuch highway) और दिल्ली मुंबई एक्सप्रेसवे से सीधी कनेक्टिविटी देगा। जावरा-उज्जैन ग्रीनफील्ड फोरलेन को सिंहस्थ से पहले शुरू करने हेतु विभाग द्वारा इस हाईवे का निर्माण कार्य पूर्ण करने के लिए एक तरफ बेस तैयार करने के लिए दिन-रात मुरम डंपर, रोलर चल रहे। वहीं दूसरी तरफ पुल-पुलिया के स्ट्रक्चर भी तेजी से खड़े किए जा रहे हैं।

उज्जैन-जावरा ग्रीनफील्ड फोरलेन पर 6 अंडर-ओवर पास के पिलर जमीन लेवल से आए ऊपर

उज्जैन-जावरा ग्रीनफील्ड फोरलेन (Ujjain jaora Greenfield fourlane highway) के निर्माण हेतु विभाग द्वारा 6 अंडर-ओवर पास के पिलर जमीन लेवल से ऊपर तक बना दिए गए हैं। इस ग्रीनफील्ड हाईवे के निर्माण कार्य में जुटे मनोज कुमार, प्रोजेक्ट मैनेजर, कांट्रेक्टर कंपनी जावरा-उज्जैन फोरलेन ने बताया कि जावरा में महू-नीमच हाईवे से लेकर दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे के भूतेड़ा इंटरचेंज तक 7 अंडर-ओवर पास बनाए जाएंगे।

इनमें से 6 के पिलर जमीन लेवल से ऊपर तक बनाए जा चुके हैं। कुछ में पाइलिंग अंतिम स्टेज पर है। जल्द ही इसे कंपलीट कर स्लैब डाल दी जाएगी। उन्होंने कहा कि जिस रफ्तार से काम किया जा रहा है उसे देखकर लग रहा है कि विभाग द्वारा सिंहस्थ से पहले फोरलेन का निर्माण कार्य पूर्ण कर लिया जाएगा।

संकेतक और रिफ्लेक्टर नहीं लगाने के कारण हो चुके हैं कई हादसे

जावरा-उज्जैन ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के निर्माण के दौरान बन रहे पुल-पुलिया के लिए रखे हुए सीमेंट-ब्लॉक पर संकेतक और रिफ्लेक्टर नहीं लगाने के कारण कई हादसे से भी हो चुके हैं। सीमेंट-ब्लॉक संकेतक और रिफ्लेक्टर नहीं होने के कारण रात में चलने वाले वाहन चालकों को दिखाई देते। इसके अलावा रूट डायवर्ट के संकेतक भी नहीं लगाए गए हैं।

जिस वजह से रात के समय में वाहन सीमेंट ब्लॉक से टकरा रहे और लोग घायल हो रहे हैं। 11 अक्टूबर को बेगमपुरा चौराहे पर कार सीमेंट ब्लॉक में एक कार के घुसने से इंदौर निवासी कुणाल कुशवाह (25) और शुभम चौहान (32) घायल हो गए थे। जावरा के रहवासियों ने ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे का निर्माणकार्य पूर्ण होने तक वाहन चालकों की सुरक्षा को देखते हुए विभाग से रूट डायवर्ट के संकेतक और रिफ्लेक्टर लगाने की मांग की है।

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