सवाई माधोपुर। सवाई माधोपुर पुलिस ने एक बड़े अंतरराज्यीय साइबर ठगी गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जो शेयर बाजार और ऑनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर देशभर के लोगों को अपना शिकार बना रहा था। पुलिस अधीक्षक ज्येष्ठा मैत्रेयी के निर्देशन में रवांजना डूंगर थाना पुलिस और जिला विशेष टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए गिरोह के एक सदस्य को गिरफ्तार किया है। हालांकि, पुलिस को देखते ही उसके तीन अन्य साथी खेतों के रास्ते भागने में सफल रहे। पुलिस ने मौके से दो लग्जरी कार, एक मोटरसाइकिल, चार मोबाइल फोन और कई बैंक दस्तावेज बरामद किए हैं।
यह कार्रवाई साइबर अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत की गई। पुलिस टीम जब कुश्तला-टोंक रोड पर गश्त कर रही थी, तब उन्हें भारत पेट्रोलियम पंप के पास चार संदिग्ध युवक दिखाई दिए। पुलिस की गाड़ी को आते देख वे अपने वाहन और मोबाइल फोन छोड़कर भागने लगे। पुलिस ने पीछा कर राजेंद्र मीना नामक युवक को दबोच लिया। प्रारंभिक जांच में करोड़ों रुपये के संदिग्ध डिजिटल लेनदेन के साक्ष्य मिले हैं, जिससे ठगी के बड़े नेटवर्क का अंदेशा जताया जा रहा है।
गिरोह की कार्यप्रणाली बेहद शातिर थी। ये लोग फर्जी मोबाइल ऐप के जरिए निवेशकों को नकली ट्रेडिंग ग्राफ दिखाते थे, जिससे उन्हें भारी मुनाफे का भ्रम हो सके। टेलीग्राम चैनलों के माध्यम से ये लोग निवेश की टिप्स देते थे और कम समय में पैसा दोगुना करने का लालच देकर लोगों को निवेश के लिए प्रेरित करते थे। एक बार विश्वास जीतने के बाद, ये निवेशकों से बड़ी रकम ऐंठ लेते थे।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि ठगी की रकम को ठिकाने लगाने के लिए गिरोह फर्जी दस्तावेजों पर ली गई सिम कार्ड और दूसरों के नाम पर खोले गए बैंक खातों का इस्तेमाल करता था। इससे पुलिस की निगरानी से बचने में उन्हें मदद मिलती थी। अब तक की जांच में करोड़ों रुपये के ट्रांजेक्शन का पता चला है।
फिलहाल पुलिस फरार आरोपियों की तलाश में जुटी है और देशभर में इस गिरोह के खिलाफ दर्ज अन्य मामलों की जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ के आधार पर नेटवर्क के अन्य सदस्यों को जल्द ही पकड़ लिया जाएगा। इस कार्रवाई से साइबर ठगों के हौसले पस्त हुए हैं और पुलिस ने आमजन से भी ऑनलाइन निवेश के नाम पर लुभावने वादों से सावधान रहने की अपील की है।
