Rajasthan News: राजस्थान प्रदेश के उदयपुर जिले में रेलवे कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए उमरड़ा-देबारी ट्रैक का दोहरीकरण किया जाएगा। इस ट्रैक का दोहरीकरण होने के बाद उदयपुर शहर की जयपुर और अहमदाबाद जैसे बड़े शहरों कनेक्टिविटी मजबूत होने के साथ बिना रुके दो ट्रेनें चलने से रफ्तार में तेजी आएगी। बता दें कि उमरड़ा-देबारी ट्रैक का दोहरीकरण के लिए रेलवे द्वारा 1 जून 2026 को जमीन अधिग्रहण आपत्तियों हेतु अधिसूचना जारी होने के बाद मिली 6 आपत्तियों को सक्षम अधिकारियों ने आधारहीन बताते हुए सभी को खारिज कर दिया है। रेलवे ट्रैक के दोहरीकरण पर लगाई गई आपत्तियां खारिज होने के बाद विभाग दोबारा भेजी गई अंतिम रिपोर्ट को केंद्र ने मजदूरी दे दी है।
बिना रुके एक साथ दोड़ेंगी दो ट्रेनें
केंद्र सरकार द्वारा उमरड़ा-देबारी ट्रैक दोहरीकरण के प्रोजेक्ट को मंजूरी देने के बाद इसके निर्माण हेतु प्रक्रिया तेज हो गई है। रेलवे का यह प्रोजेक्ट राजस्थान में ट्रेन यात्रियों का सफर तो आसान बनाने के साथ-साथ ट्रेनों की रफ्तार भी बढ़ाएगी। सांसद डॉ. मन्नालाल रावत ने ने कहा कि उमरड़ा-देबारी ट्रैक का दोहरीकरण होने के बाद एक ट्रेन को पास कराने के लिए दूसरी ट्रेन को आउटर पर रोकना नहीं पड़ेगा। उन्होंने कहा कि उमरडा-देबारी ट्रैक प्रोजेक्ट की कानूनी अड़चनें दूर होने और केंद्र सरकार से इस प्रोजेक्ट को मंजूरी मिलने के बाद अब जल्द ही मौके पर निर्माण कार्य शुरू होगा। उमरड़ा से देबारी के बीच बनने जा रहे इस ट्रैक की लंबाई 24.78 किलोमीटर रखी गई है।
उदयपुर की जयपुर और अहमदाबाद से होगी सीधी कनेक्टिविटी
उमरड़ा-देबारी ट्रैक दोहरीकरण से उदयपुर शहर की जयपुर और अहमदाबाद से सीधी और मजबूत कनेक्टिविटी हो जाएगी। इसके अलावा यह ट्रैक के शुरू होने से उदयपुर के साथ चित्तौड़गढ़ के लिए भी पर्यटकों का सफर आसान बनाएगा। उमरड़ा-देबारी ट्रैक दोहरीकरण से भीलवाड़ा और चित्तौड़गढ़ के उद्योगों को माल ढुलाई में भी आसानी हो जाएगी। उदयपुर शहर के लिए यह ट्रैक औद्योगिक दृष्टि से भी काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। केंद्र सरकार द्वारा 5 अक्टूबर को इस प्रोजेक्ट के लिए भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया को मंजूरी देने के बाद अब इसके निर्माण हेतु 492 करोड रुपए का बजट खर्च किया जाएगा।


