Haryana Road News: हरियाणा सरकार ने प्रदेश के 5 शहरों में यातायात का दबाव करने के लिए खास मास्टर प्लान बनाया है। इसके तहत इन पांचों शहरों में नए बाईपास बनाए जाएंगे। इस पर 9700 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इससे
जींद, हिसार, कुरुक्षेत्र, पलवल और नारनौल में बाईपास बनाने की योजना है। इस परियोजना को स्वीकृति दी जा चुकी है।
यह परियोजनाएं इन शहरों में यातायात को बेहतर तरीके से प्रबंधन करने में मदद करेंगे। इससे लोगों को बेहर आवागमन तो उपलब्ध होगा ही, साथ ही शहरों के भीतर भीड़ कम होने से सुरक्षित सफर भी होगा। इसको लेकर प्रदेश सरकार द्वारा 12 सितंबर को स्वीकृति दी गई है।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने 1 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों और कस्बों में बाहरी रिंग रोड और राष्ट्रीय राजमार्ग विकसित करने की योजना तैयार की है। इस योजना के तहत केंद्र सरकार द्वारा तैयार की गई नीति के तहत ही प्रदेश सरकार की वित्तीय भागीदारी सुनिश्चित होगी। इन परियोजनाओं को सिरे चढ़ाने के लिए प्रदेश के लोक निर्माण विभाग, वित्त विभाग के साथ शहरी स्थानीय निकाय विभाग के अधिकारियों की तीन सदस्यीय कमेटी गठित कर दी गई है।
2 बाईपास की डीपीआर तैयार
इन परियोजनाओं के तहत हिसार और कुरुक्षेत्र में बनने वाले बाईपास की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट यानी डीपीआर तैयार कर ली गई है। हिसार में हिसार बाईपास का निर्माण हिसार-राजगढ़ रोड से दिल्ली रोड होते हुए कैथल रोड को जोड़ने की योजना तैयार की गई है। इसके अलावा कुरुक्षेत्र में लाडवा बाईपास के निर्माण के लिए भी डीपीआर तैयार हो चुकी है।
नारनौल और पलवल में बनेगा बाईपास
इसी परियोजना के तहत नारनौल और पलवल में भी बाईपास का निर्माण किया जाना है। इसके तहत नारनौल की बात की जाए तो यहां पर 11 किलोमीटर का बाईपास तैयार होना है। यह बाईपास एनएच-148बी से जुड़ेगा।
वहीं राष्ट्रीय राजमार्ग नंबर 919 से सोहना-पलवल बाईपास को जोड़ा जाएगा। इस सड़क के पुनर्निर्माण के साथ नया डिजाइन भी तैयार किया जाना है। यहां पर 4 लेन की करीब 24 किलोमीटर लंबी सड़क बनेगी।
प्रदेश सरकार ने महत्वपूर्ण फैसला लेते हुए फरीदाबार - डीएनडी-बल्लभगढ़ बाईपास को दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के साथ-साथ जेवर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से जोड़ा जाएगा। यह रास्ता केएमपी लिंक मार्ग के माध्यम से बनेगा।
जींद में बनेगा रिंग रोड
इसके अलावा जींद में एनएच-352 से शहर के पश्चिमी हिस्से को जोड़ते हुए बाईपास का निर्माण होगा। यह चार लेन का आउटर रिंग रोड शहर के पूर्वी हिस्से में बने बाईपास को जोड़ देगा। इससे यह शहर के चारों ओर रिंग रोड बन जाएगा।
अनिल चौधरी को विभिन्न मीडिया संस्थानों में 17 वर्षों से अधिक का अनुभव है। उन्होंने पत्रकारिता की शुरुआत (हरिभूमि हिंदी समाचार पत्र) से प्रिंट मीडिया में की, जहां खबरों की बुनियादी समझ और लेखन की गंभीरता सीखी। इसके बाद उन्होंने अमर उजाला (हिंदी समाचार पत्र) में 7 वर्षों तक कार्य किया। अनिल कुमार की बिजनेस, मनोरंजन, सरकारी योजनाएं और रेलवे से संबंधित खबरों पर मजबूत पकड़ है। वर्तमान में अनिल कुमार डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से अपनी सेवाएं दे रहे हैं।