Nupur Goyal Success Story: अक्सर अपने बड़े बुजुर्गों को कहते हुए सुना होगा की कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती। आज हम आपको एक ऐसी लड़की की कहानी बताएंगे जिसने इस बात को सच कर दिखाया है। पांच बार फेल होने के बाद भी इस लड़की ने हार नहीं मानी और छठे यानी की आखिरी प्रयास में इसने यूपीएससी की परीक्षा पास कर दिखाई। हम बात कर रहे हैं नूपुर गोयल की।
यूपीएससी की परीक्षा देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक मानी जाती है। इस परीक्षा को पास करने के लिए केवल कठिन परिश्रम नहीं बल्कि धैर्य और मजबूत इरादों की भी आवश्यकता होती है और इसकी जीती जागती मिसाल है नूपुर गोयल। नूपुर को पांच बार फैलियर का सामना करना पड़ा लेकिन नूपुर ने कभी हार नहीं माना साठे प्रयास में उन्हें ऑल इंडिया में 11वीं रैंक मिला जिसके बाद वह आईएएस ऑफिसर बन गई।
शुरुआती शिक्षा और यूपीएससी की ओर दिखा झुकाव
नूपुर ने डीएवी कॉलेज से इंटरमीडिएट की पढ़ाई की इसके बाद दिल्ली के टेक्नोलॉजी यूनिवर्सिटी से इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन में बीटेक की डिग्री की इसके बाद उन्होंने इग्नू से पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन में मास्टर्स की डिग्री भी हासिल की। नूपुर के अंकल ने यूपीएससी की तैयारी की थी लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिल पाई थी इसके बाद नूपुर ने यूपीएससी में जाने का फैसला लिया।
नूपुर को 2014, 2015, 2016, 2017, 2018 मे सफलता नहीं मिल पाई लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी इसके बाद नूपुर ने फैलियर का सामना करने के बाद इंटेलिजेंस ब्यूरो में नौकरी ज्वाइन कर ली और फुल टाइम नौकरी के साथ तैयारी शुरू कर दी लेकिन 2019 में उन्हें यूपीएससी परीक्षा में सफलता मिली और फिलहाल नूपुर उत्तर प्रदेश के मेरठ में मुख्य विकास अधिकारी के पद पर तैनात है। नूपुर की कहानी हमें बताती है कि हमें कभी हार नहीं मानना चाहिए।


