Jaipur Times — जयपुर टाइम्स
देश और दुनियाहर खबर, आपकी भाषा में

‘गांव से हो, कभी कलेक्टर नहीं बनोगे’, लोगों के तानों को चीरकर निकले प्रिंस, UPSC में AIR 89 लाकर रचा इतिहास

Prince Kumar success story
Prince Kumar success story

Success Story: यूपीएससी की परीक्षा को देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक माना जाता है। हर साल बड़े पैमाने पर बच्चे इस कठिन परीक्षा को देते हैं लेकिन सफलता कुछ परसेंट बच्चों को ही मिल पाती है। आज हम आपको एक ऐसे लड़के की कहानी बताएंगे जिसे गांव से होने की वजह से काफी ताने सुनने पड़े। कभी इस लड़के को इंग्लिश से डर लगता था लेकिन इस लड़के ने दो बार यूपीएससी का एक्जाम क्रैक कर दिखाया।

हम बात कर रहे हैं बिहार के शिवहर के रहने वाले प्रिंस कुमार की। प्रिंस के पिता एक साधारण मोटरसाइकिल मैकेनिक है और उनके परिवार में काफी आर्थिक चुनौतियां रहती थी। प्रिंस ने सरकारी स्कूल से अपनी स्कूलिंग पुरी की और गांव से होने के वजह से उन्हें इंग्लिश से बहुत डर लगता था। लेकिन वह हमेशा से कुछ बड़ा करना चाहते थे।

NDA मे नहीं मिली सफलता

प्रिंस कुमार नेशनल डिफेंस एकेडमी का एग्जाम पास करना चाहते थे लेकिन अंग्रेजी कमजोर होने के कारण उनका यह सपना पूरा नहीं हो पाया। इसके बाद उन्होंने यूपीएससी की राह चुन ली और दिल्ली जाकर तैयारी करने लगे। यहां उनके पास सीमित संसाधन थे लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी।

गांव से होकर कलेक्टर बनोगे- लोगों ने खूब दिए ताने

प्रिंस कुमार को दो बार यूपीएससी की परीक्षा में फैलियर का सामना करना पड़ा इसके बाद उनके गांव के लोगों ने उन्हें ताना मारना शुरू कर दिया। गांव के लोग कहते थे कि तुम गांव से होकर कभी कलेक्टर नहीं बन सकते हो लेकिन प्रिंस नहीं हिम्मत नहीं हारी। तीसरे प्रयास में उन्होंने मैथिली साहित्य को ऑप्शनल सब्जेक्ट बनाया और तैयारी शुरू कर दी।

तीसरे प्रयास में प्रिंस को सफलता मिली और वह आईपीएस ऑफिसर बन गए। लेकिन उनका सपना हमेशा से कलेक्टर बनने का था इसलिए उन्होंने दोबारा तैयारी शुरू की और चौथे प्रयास में उन्हें सफलता मिली और ऑल इंडिया में 89वी रैंक मिली। इस बार प्रिंस का आईएएस ऑफिसर बनने का सपना पूरा हो गया। प्रिंस की कहानी हमें बताती है कि कभी भी मुश्किलों के आगे हार नहीं माननी चाहिए। विपरीत परिस्थितियों में भी जो संघर्ष करते हैं वह जरूर कामयाब होते हैं।