Indian Railway: दिल्ली-मुंबई रेलमार्ग के रतलाम-गोधरा सेक्शन स्थित मंगल महुड़ी और जेकोट स्टेशन के बीच खाली मालगाड़ी के डिरेल होने के मामले में रेलवे ने जांच शुरू कर दी है। इसके लिए जूनियर एडमिनिस्ट्रेटिव ग्रेड (JAG) के तीन अधिकारियों की टीम बनाई है। ये टीम तकनीकी कारणों की परतें खंगालेगी।
जांच की पूरी रिपोर्ट टीम द्वारा 10 दिनों के भीतर सौंपी जाएगी। प्रारंभिक पड़ताल के बाद सारा फोकस तकनीकी पहलुओं पर है। यह मामला सीधे तौर पर ट्रैक फॉल्ट या सीएंडडब्ल्यू (कैरिज एंड वैगन डिपार्टमेंट) की तकनीकी गड़बड़ी से जुड़ा हो सकता है।
जानकारों के मुताबिक या तो ट्रैक में कोई खामी रही थी जिसके कारण पहिए पटरी से नीचे उतर गए होंगे। इसके अलावा वैगन की ट्रॉली के मेंटेनेंस में कोई चूक रहने की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता। रेलवे अब जांच के दौरान संबंधित ट्रैक और वैगन का पुराना मेंटेनेंस शेड्यूल खंगाल रहा है।
डीआरएम अश्वनी कुमार ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच कराई जा रही है। रिपोर्ट सामने आने के बाद ही हादसे के असली कारणों का आधिकारिक खुलासा हो सकेगा।
गौरतलब है कि यह है मामला सोमवार शाम वडोदरा से रतलाम आ रही खाली मालगाड़ी का वैगन मंगल महुड़ी और जेकोट स्टेशन के बीच डिरेल हो गया। झटके से दो डिब्बों को जोड़ने वाला कपलर टूटकर दूर जा गिरा और ट्रेन दो हिस्सों में बंट गई। हादसे के कारण दिल्ली-मुंबई रेलमार्ग की डाउन लाइन पांच घंटे ठप रही।


