Medical College Admission : हरियाणा के मेडिकल कालेज में दाखिले के नियमों को सरकार ने बदल दिया है। नए नियम में दाखिले के नियमों को सख्त किया है और दस लाख तक का जुर्माना व तीन साल तक डाक्टर पर प्रतिबंध लगाने का कठोर नियम बनाया गया है। हरियाणा सरकार ने यह नियम पीजी व एमडी करने वाले डाक्टरों के लिए बनाए गए है।
डॉक्टर ऑफ मेडिसिन (एमडी) और मास्टर ऑफ सर्जरी (एमएस) कोर्स पर यह नियम पूर्ण रूप से लागू रहेंगे। नीट-पीजी 2026 की मेरिट और आयुर्वेद के एमडी-एमएस पाठ्यक्रमों में प्रवेश एआइएपीजीईटी-2026 की मेरिट से मिलेंगे।
स्टेट कोटे की सीटों का किया निर्धारण
हरियाणा सरकार ने एमडी व पीजी करने वाले डाक्टरों का कोटा निर्धारित किया गया है। इसमें सरकारी मेडिकल कॉलेजों में स्टेट कोटे की 40 प्रतिशत सीटें इन सर्विस डॉक्टरों और आयुर्वेदिक कॉलेजों में 10 प्रतिशत सीटें आयुर्वेदिक मेडिकल ऑफिसर के लिए आरक्षित की गई है। इसके अलावा मेडिकल कॉलेजों में कुल सीटों में से 50 प्रतिशत सीटें ऑल इंडिया मेरिट और शेष 50 प्रतिशत हरियाणा स्टेट मेरिट के लिए निर्धारित की गई है। इस कोटे के आधार पर ही हरियाणा के डाक्टरों को आरक्षित सीट मिलेगी।
निजी मेडिकल कालेजों के लिए कोटा किया निर्धारित
हरियाणा सरकार ने निजी मेडिकल कालेजों के लिए भी नए नियम निर्धारित किए गए है। इसमें दाखिले के लिए कोटा निर्धारित किया गया है। इसमें निजी मेडिकल कालेजों में 50 प्रतिशत सीटें राज्य कोटे की मेरिट के आधार पर निर्धारित की गई है, जबकि 50 प्रतिशत मैनेजमेंट कोटा निर्धारित किया गया है।
इसके अलावा हरियाणा की संस्थानों से एमबीबीएस करने वाले अभ्यर्थियों के लिए स्टेट कोटे में 25 प्रतिशत संस्थागत वरीयता आरक्षण और बेंचमार्क दिव्यांग अभ्यर्थियों के लिए पांच प्रतिशत सीटें आरक्षित की गई हैं। इसी तरह निजी कालेजों में 15 प्रतिशत सीटें मैनेजमेंट कोटे से एनआरआइ श्रेणी के लिए आरक्षित की गई है। आयुर्वेदिक एमडी-एमएस पाठ्यक्रमों में सरकारी और निजी संस्थानों की 15 प्रतिशत सीटें ऑल इंडिया मेरिट श्रेणी के तहत होंगी।
कोर्स बीच में छोड़ा तो लगेगा भारी भरकम जुर्माना व बैन
हरियाणा सरकार द्वारा पीजी कोर्स के लिए सख्त नियम बनाए गए है। नए नियम के तहत पीजी कोर्स को बीच में छोड़ने वालों को जुर्माना लगाया जाएगा और तीन साल तक प्रदेश के किसी भी पीजी कालेज में दाखिले पर रोक रहेगी। सामान्य मेडिकल एमडी-एमएस पाठ्यक्रम में निर्धारित अंतिम तिथि से तीन दिन पहले या उसके बाद कोर्स छोड़ने वाले अभ्यर्थी पर 10 लाख रुपये का बांड लागू होगा और उसे अगले तीन साल तक राज्य के किसी भी पीजी कोर्स में दाखिले के लिए आवेदन करने से वंचित किया जा सकेगा।
मेडिकल कालेज में दाखिले के लिए शुल्क किया निर्धारित
हरियाणा के मेडिकल कालेजों में एमडी व एमएस करने के लिए पंजीकरण का शुल्क निर्धारित किया गया है। इसमें एमडी-एमएस के लिए सामान्य श्रेणी के लिए 2500 रुपये पंजीकरण फीस निर्धारित की गई है। जबकि पीडब्ल्यूबीडी, एससी, बीसी तथा ईडब्ल्यूएस श्रेणियों के लिए 1250 रुपये पंजीकरण शुल्क निर्धारित किया गया है।
इसी तरह आयुर्वेदिक पाठ्यक्रमों के लिए पंजीकरण का शुल्क 2000 रुपये, जबकि हरियाणा की आरक्षित श्रेणियों और पीडब्ल्यूबीडी अभ्यर्थियों के लिए 500 रुपये निर्धारित किया गया है। आयुर्वेदिक पाठ्यक्रमों की एनआरआइ श्रेणी के लिए पंजीकरण-काउंसलिंग शुल्क 10,000 रुपये है।