जयपुर। राजस्थान की राजधानी जयपुर में रविवार को पर्यावरण संरक्षण और सतत जीवनशैली का संदेश लेकर 'साइक्लोथॉन फॉर ऑल' का आयोजन किया गया। ब्रिक्स सस्टेनेबल लाइफस्टाइल वीक के शुभारंभ के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में युवाओं और साइकिल प्रेमियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल और पर्यावरण विभाग द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित इस पहल का मुख्य उद्देश्य नागरिकों को निजी वाहनों के बजाय पर्यावरण के अनुकूल परिवहन साधनों को अपनाने के लिए प्रेरित करना था।
मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने कार्यक्रम को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि पर्यावरण को बचाना केवल सरकारी तंत्र का काम नहीं, बल्कि हर नागरिक का सामूहिक कर्तव्य है। उन्होंने साइकिलिंग को स्वस्थ जीवन और स्वच्छ वायु के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक बताया। श्रीनिवास ने जोर देकर कहा कि यदि हम अपनी दिनचर्या में छोटे-छोटे बदलाव करें, तो जलवायु परिवर्तन जैसी वैश्विक चुनौतियों से निपटना आसान हो जाएगा।
यह साइक्लोथॉन राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल परिसर से शुरू होकर मालवीय नगर के एपेक्स सर्किल से होते हुए नॉर्थ वेस्टर्न रेलवे मुख्यालय तक पहुंची। इस दौरान प्रतिभागियों ने पूरे उत्साह के साथ साइकिल चलाकर स्वच्छ और हरित राजस्थान का संदेश दिया। सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के उप निदेशक हेमंत सिंह ने 60 किलोमीटर की दूरी तय कर आम नागरिकों के लिए एक प्रेरक उदाहरण प्रस्तुत किया।
वन एवं पर्यावरण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव आनंद कुमार ने कहा कि प्रकृति के संरक्षण के लिए व्यवहार में बदलाव लाना अनिवार्य है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अपनी दैनिक आदतों में पर्यावरण के अनुकूल विकल्पों को शामिल करें। पर्यावरण विभाग की सचिव शैलजा देवल ने प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र वितरित किए और कहा कि साइक्लोथॉन में विभिन्न आयु वर्गों की भागीदारी यह दर्शाती है कि पर्यावरण के प्रति जनचेतना लगातार बढ़ रही है।
कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने पर्यावरण संरक्षण, ऊर्जा के विवेकपूर्ण उपयोग और सतत जीवनशैली अपनाने की शपथ ली। यह आयोजन न केवल प्रदूषण को कम करने की दिशा में एक प्रभावी कदम है, बल्कि यह सतत विकास के लक्ष्यों को जन-आंदोलन बनाने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण प्रयास है। प्रशासन ने उम्मीद जताई है कि इस साइक्लोथॉन से मिला संदेश लोगों के दैनिक जीवन का हिस्सा बनेगा।


