जयपुर। टोंक पुलिस ने जिले में अपराधों पर लगाम लगाने के लिए एक साथ दो मोर्चों पर बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने नशा तस्करी और साइबर ठगी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियानों के तहत एक तरफ जहां लाखों रुपए की मादक पदार्थ बरामद की है, वहीं दूसरी तरफ डिजिटल धोखाधड़ी करने वाले एक शातिर अपराधी को भी सलाखों के पीछे पहुंचाया है।
ऑपरेशन संकल्प नशा मुक्त टोंक के अंतर्गत निवाई सदर क्षेत्र में पुलिस और डीएसटी टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए दो तस्करों को गिरफ्तार किया। आरोपियों के पास से 92.33 ग्राम स्मैक बरामद की गई है, जिसकी बाजार कीमत करीब 20 लाख रुपए आंकी गई है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान जयराज और विकास के रूप में हुई है, जो मेहंदवास थाना क्षेत्र के अलीपुरा के रहने वाले हैं। पुलिस ने उनके पास से दो मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं।
दूसरी ओर, ऑपरेशन साइबर वॉर के तहत दत्तवास थाना पुलिस ने एक ऐसे साइबर ठग को दबोचा है, जिसने ठगी का एक बड़ा जाल बिछा रखा था। पुलिस ने भरथला निवासी 18 वर्षीय सुनील को हिरासत में लिया है। जांच में सामने आया कि आरोपी ने ठगी के लिए 61 अलग-अलग फर्जी सिम कार्डों, बैंक खातों और सोशल मीडिया प्रोफाइल का इस्तेमाल किया था।
साइबर पोर्टल पर जांच करने पर आरोपी के खिलाफ 2.92 लाख रुपए की धोखाधड़ी से जुड़ी सात शिकायतें दर्ज मिलीं। पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि उसने फर्जी खातों के जरिए करीब 20 लाख रुपए का संदिग्ध लेनदेन किया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से एक मोटरसाइकिल और एक एंड्रॉइड मोबाइल फोन जब्त किया है।
इस मामले में दत्तवास थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है और आगे की जांच पीपलू थानाधिकारी द्वारा की जा रही है। टोंक पुलिस की इन ताबड़तोड़ कार्रवाइयों ने नशा तस्करों और साइबर अपराधियों के हौसले पस्त कर दिए हैं। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिले में किसी भी प्रकार की आपराधिक गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और भविष्य में भी ऐसे अभियान जारी रहेंगे।


