डीग। डीग जिला पुलिस ने अवैध हथियारों के खिलाफ चलाए जा रहे अपने विशेष अभियान 'ऑपरेशन शिकंजा 2.0' के तहत एक और महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। पुलिस अधीक्षक शरण गोपीनाथ के नेतृत्व में जिले में वांछित अपराधियों और अवैध हथियारों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में कैथवाड़ा थाना पुलिस ने अवैध हथियारों के एक मामले में चौथे आरोपी को गिरफ्तार करने में कामयाबी पाई है।
गिरफ्तार किए गए आरोपी की पहचान 31 वर्षीय अंसार के रूप में हुई है, जो पहाड़ी थाना क्षेत्र के मल्लाका गांव का निवासी है। पुलिस के अनुसार, आरोपी के खिलाफ कैथवाड़ा थाने में आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज था। उपनिरीक्षक विजयपाल सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने गहन अनुसंधान और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर 31 अक्टूबर को आरोपी को धर दबोचा।
इस मामले में पुलिस पहले ही तीन अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। पूर्व की कार्रवाई के दौरान पुलिस ने उनके पास से एक 12 बोर बंदूक, एक 315 बोर का पौना और एक 315 बोर का कट्टा बरामद किया था। इन हथियारों की बरामदगी के बाद से ही पुलिस इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश कर रही थी। अंसार की गिरफ्तारी से पुलिस को हथियारों की खरीद-फरोख्त और उनके स्रोतों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिलने की उम्मीद है।
इस पूरी कार्रवाई को अंजाम देने के लिए तीन अलग-अलग पुलिस टीमों ने मिलकर काम किया। कैथवाड़ा थाना प्रभारी हीरालाल के नेतृत्व में पुलिस टीम के साथ-साथ पहाड़ी थाना पुलिस और डीएसटी डीग की टीम ने भी सक्रिय भूमिका निभाई। पुलिस अधीक्षक शरण गोपीनाथ ने स्पष्ट किया है कि जिले में अवैध हथियारों के नेटवर्क को पूरी तरह से खत्म करने के लिए यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।
वर्तमान में पुलिस गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ कर रही है ताकि इस अवैध व्यापार से जुड़े अन्य संपर्कों का पता लगाया जा सके। पुलिस का मानना है कि इस कड़ी के जुड़ने से अवैध हथियारों की आपूर्ति करने वाले बड़े गिरोहों तक पहुंचने में मदद मिलेगी। जिले में शांति और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह से सतर्क है और वांछित अपराधियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जा रही है।


