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New City Plan : राजस्थान में निवेश को मिलेगी नई उड़ान, 747 हेक्टेयर में विकसित होगा आधुनिक शहर

New City Plan : राजस्थान में निवेश को मिलेगी नई उड़ान, 747 हेक्टेयर में विकसित होगा आधुनिक शहर

राजस्थान के आधारभूत ढांचे को मजबूत करने के लिए सरकार द्वारा नए मेगा प्रोजेक्ट बनाए जा रहे है। अब सरकार ने 747 हेक्टेयर में आधुनिक शहर विकसित करने की योजना बनाई है। इसके लिए कोटा के ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट के नजदीक प्रस्तावित एयरोसिटी में अब केवल आवासीय कॉलोनी नहीं, बल्कि होटल, रिसोर्ट, बड़े व्यावसायिक परिसर, उद्योग, विश्वविद्यालय और आधुनिक कार्यालयों का पूरा ईकोसिस्टम विकसित करने का प्लान बनाया है। इस शहरी सपने को जमीन पर उतारने के लिए कोटा विकास प्राधिकरण (केडीए) ने अरबन चैलेंज फंड से करीब 600 करोड़ रुपए मांगे है।

पूरे प्लान के तहत विकसित किया जाएगा सिटी

कोटा में बनने वाली नई सिटी को पूरी प्लान के तहत तैयार किया जाएगा। इसमें सड़क नेटवर्क से लेकर बुनियादी सुविधाओं को विकसित किया जाएगा। करीब 747.70 हेक्टेयर में चार अलग-अलग जोन के साथ विकसित होने वाली एयरोसिटी कोटा के शहरी विस्तार और निवेश की नई राह भी खालेगी। प्रमुख बाहरी सड़कें 60 मीटर चौड़ी और आपस में जोड़ने वाली सड़कें, मुख्य संपर्क मार्ग और आंतरिक सड़कें 45 मीटर एवं 30 मीटर चौड़ी बनाई जाएगी।

अरबन चैलेंज फंड से होगा विकसित

केंद्र सरकार के अरबन चैलेंज फंड (यूसीएफ) के तहत देश के विभिन्न शहरों को एक लाख करोड़ रुपए की केंद्रीय सहायता देने का प्रावधान है। इसके तहत परियोजना लागत का 25 प्रतिशत हिस्सा केंद्रीय सहायता से मिल सकता है, जबकि कम से कम 50 प्रतिशत राशि बाजार से जुटानी होगी। इस मॉडल के जरिए अगले पांच वर्षों में शहरी क्षेत्रों में चार लाख करोड़ रुपए के निवेश का लक्ष्य रखा गया है। इस फंड का उद्देश्य पारंपरिक अनुदान आधारित वित्तपोषण के बजाय बाजार से जुड़े, सुधारोन्मुख परिणाम आधारित शहरी विकास को बढ़ावा देना है।

कोटा की नई सिटी इन चार जोन में होगी विकसित

जोन-1: आतिथ्य क्षेत्र (हॉस्पिटैलिटी जोन): यहां होटल, रिसोर्ट, अतिथि गृह आदि प्रस्तावित हैं। यह हवाई अड्डे के सबसे नजदीक है।

जोन-2: व्यावसायिक क्षेत्र, जीसीसी एवं मिश्रित उपयोग : इसमें वैश्विक क्षमता केंद्र (ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर), खरीदारी परिसर, कार्यालय और मिश्रित उपयोग वाली व्यावसायिक इमारतें प्रस्तावित हैं।

जोन-3 संस्थागत क्षेत्र इसमें विश्वविद्यालय, महाविद्यालय, शैक्षणिक संस्थान और उनसे जुड़ा व्यावसायिक क्षेत्र प्रस्तावित है।

जोन-4: औद्योगिक क्षेत्र: इसमें उद्योग, माल परिवहन एवं वितरण केंद्र (लॉजिस्टिक्स) और माल भंडारण गृह (वेयरहाउस) विकसित किए जाने प्रस्तावित हैं।

केडीए आयुक्त बचनेश अग्रवाल ने कहा कि एयरोसिटी को सुनियोजित और आधुनिक स्वरूप में विकसित करने की योजना है। इसके लिए अरबन चैलेंज फंड से आर्थिक सहायता का प्रस्ताव भेजा गया है। उम्मीद है वहां से जल्द स्वीकृति आएगी। योजना में सड़क नेटवर्क और आधारभूत सुविधाओं के विकास पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

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