रेलवे बोर्ड द्वारा अपने नियमों में बड़ा बदलाव किया है। रेलवे ने रिटायरमेंट, पास की श्रेणी में आने वाले श्रेणी व विधवा महिलाओं को हाई क्लास यात्रा कर सकेंगे। रेलवे की प्रीमियम ट्रेनों में सफर करने वाले कर्मचारियों और अधिकारियों के लिए रेलवे बोर्ड ने बड़ा फैसला लिया है। अब राजधानी, दुरंतो और शताब्दी एक्सप्रेस में रेलवे पास पर अपनी निर्धारित पात्रता से ऊंची श्रेणी में भी यात्रा की जा सकेगी।
इसके लिए पूरा टिकट खरीदने की जरूरत नहीं होगी, बल्कि पास में मिलने वाली श्रेणी और चुनी गई श्रेणी के किराये का अंतर देना होगा। इस फैसले का लाभ कर्मचारियों के साथ अधिकारियों को भी मिलेगा, लेकिन अधिकारियों को अपेक्षाकृत ज्यादा फायदा हो सकता है, क्योंकि उनकी पास पात्रता में पहले से ही उच्च श्रेणियां शामिल होती हैं।
कर्मचारी और अधिकारी कितना किराया देंगे
रेलवे बोर्ड के 30 अक्टूबर 2026 के आदेश में किराये के अंतर की कोई एक निश्चित रकम तय नहीं की गई है। यह यात्री की पास पात्रता, चुनी गई श्रेणी, ट्रेन और यात्रा के रूट पर निर्भर करेगा। उदाहरण के तौर पर किसी कर्मचारी का पास यदि थर्ड एसी के लिए मान्य है और वह सेकेंड एसी में यात्रा करना चाहता है तो उसे थर्ड एसी और सेकेंड एसी के किराये का अंतर देना होगा। वहीं, जिस अधिकारी का पास पहले से सेकेंड एसी के लिए मान्य है, उसे फर्स्ट एसी में जाने के लिए केवल इन दोनों श्रेणियों के किराये का अंतर देना होगा। इस तरह अधिकारी को उच्च श्रेणी में जाने के लिए अपेक्षाकृत कम अतिरिक्त रकम चुकानी पड़ सकती है।


