हरियाणा में शहरों को जाम मुक्त बनाने के लिए सरकार द्वारा रिंग रोड का निर्माण किया जा रहा है, ताकि दूसरे जिलों से आने वाले वाहन शहर में प्रवेश की बजाए सीधे रिंग रोड से निकल सके। इसी कड़ी में हरियाणा के जींद शहर में 8 किलोमीटर लंबा रिंग रोड का निर्माण किया जाएगा। इस रिंग रोड के निर्माण जींद शहर के ऊपर से पूरा सर्कल तैयार हो जाएगा।
इस रिंग रोड के माध्यम से जींद-दिल्ली, जींद-भिवानी, जींद-पटियाला, जींद-चंडीगढ़, जींद-पानीपत, जींद-सोनीपत मार्ग को सीधा कनेक्ट करेगा। हालांकि इन हाईवे को कनेक्ट करने के लिए आधा रिंग रोड बना हुआ है, लेकिन आठ किलोमीटर का शेष है। अब केंद्र व राज्य सरकार ने इस रिंग रोड के लिए बजट की मंजूरी दे दी है। जल्द ही इस रिंग रोड की डीपीआर तैयार की जाएगी और इसके बाद जिन गांवों की जमीन से निकलेगा, उनकी जमीन अधिग्रहण का काम किया जाएगा। हालांकि इस रिंग रोड का प्रोजेक्ट 10 साल से फाइलों में घूम रहा था, लेकिन पिछले दिनों सीएम नायब सैनी ने इस रिंग रोड निर्माण की मंजूरी दे दी।
दस साल पहले हुई थी रिंग रोड की घोषणा
जींद का शेष रिंग रोड की घोषणा लगभग दस साल पहले पूर्व सीएम एवं फिलहाल केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने 11 दिसंबर 2016 को आठ किलोमीटर के रिंग रोड की घोषणा की थी। यह रिंग रोड जींद शहर के नरवाना रोड से बरवाला रोड यानी जींद हिसार मार्ग से जुड़ जाएगा। लेकिन घोषणा के बाद लंबे समय तक काम शुरू नहीं हुआ। निजी कंपनी को डीपीआर तैयार करने की जिम्मेदारी दी गई, लेकिन कंपनी के काम छोड़ने से योजना अटक गई। अब दोबारा से सरकार द्वारा डीपीआर तैयार करवाई जाएगी।
इन गांवों से प्रस्तावित है रिंग रोड, जमीन होगी अधिग्रहण
केंद्र व राज्य सरकार का प्रस्तावित रिंग रोड जींद शहर के साथ लगते हुए दस गांवों से होकर निकेगा। रिंग रोड नरवाना रोड से शुरू होकर जुलानी, राजपुरा, ईक्कस, किनाना, जलालपुर खुर्द व जलापुरा कलां समेत करीब 10 गांवों की सीमा से होते हुए निकलेगा। यह रिंग रोड भी इन गांवों की सीमा के ऊपर से निकलेगा, ऐसे में किन गांवों की जमीन आएगी यहा तो डीपीआर फाइनल होने के बाद ही पता चलेगा। जहां पर जिन किसानों की जमीन आएगी, उनको एनसीआर के रेट के हिसाब से जमीन का मुआवजा दिया जाएगा और जिन किसानों की जमीन इसमें नहीं आएगी, उनकी कीमत आसमान को छूने वाले है।


