Jaipur Times — जयपुर टाइम्स
देश और दुनियाहर खबर, आपकी भाषा में

सवाई माधोपुर: 35 साल से जमे फल-सब्जी विक्रेताओं पर रोजी-रोटी का संकट, स्थायी मंडी की मांग

सवाई माधोपुर के बजरिया में दशकों से कारोबार कर रहे फल-सब्जी विक्रेताओं ने नगर परिषद की कार्रवाई के विरोध में जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा है।

सवाई माधोपुर। सवाई माधोपुर के बजरिया स्थित डाक बंगले के पास दशकों से फल और सब्जियों का कारोबार कर रहे छोटे व्यापारियों के सामने अब अपनी आजीविका बचाने का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। नगर परिषद द्वारा अतिक्रमण हटाने के नाम पर की जा रही कार्रवाई से नाराज फल-सब्जी क्रेता-विक्रेता यूनियन ने जिला कलेक्टर को एक ज्ञापन सौंपकर अपनी व्यथा व्यक्त की है। व्यापारियों ने मांग की है कि या तो वर्तमान मंडी को स्थायी किया जाए या फिर उन्हें किसी अन्य उपयुक्त स्थान पर जमीन आवंटित की जाए।

ज्ञापन में विक्रेताओं ने बताया कि वे पिछले करीब 35 वर्षों से इसी स्थान पर अपनी आजीविका चला रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि वे लंबे समय से नगर परिषद के अधिकृत ठेकेदारों को प्रतिदिन तहबाजारी शुल्क भी जमा कराते आ रहे हैं। इसके बावजूद, उन्हें स्थायी जगह उपलब्ध कराने के बजाय बार-बार हटाए जाने की कार्रवाई की जा रही है, जिससे उनके परिवारों के भरण-पोषण पर बुरा असर पड़ रहा है।

व्यापारियों ने नगर परिषद प्रशासन पर मनमानी का आरोप लगाते हुए कहा कि अतिक्रमण हटाने की आड़ में उन्हें लगातार परेशान किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि मनमाने तरीके से भारी चालान काटे जा रहे हैं और विरोध करने पर उनकी फल-सब्जियां व अन्य सामान जब्त कर लिया जाता है। इस तरह की कार्रवाई से छोटे व्यापारियों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है, जिससे उनका व्यापार करना मुश्किल हो गया है।

विक्रेताओं ने प्रशासन को स्पष्ट चेतावनी दी है कि जब तक उन्हें वर्तमान मंडी के स्थायीकरण या किसी वैकल्पिक स्थान पर भूमि आवंटन का लिखित आश्वासन नहीं मिलता, तब तक वे अपना स्थान खाली नहीं करेंगे। उन्होंने प्रशासन से आग्रह किया है कि छोटे व्यापारियों की रोजी-रोटी को ध्यान में रखते हुए इस समस्या का कोई व्यावहारिक और स्थायी समाधान निकाला जाए।

यूनियन ने यह भी चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो उपखंड के सभी फल-सब्जी विक्रेता एकजुट होकर अनिश्चितकालीन मंडी बंद करने जैसा बड़ा कदम उठा सकते हैं। अब सभी की नजरें जिला प्रशासन और नगर परिषद के अगले कदम पर टिकी हैं कि वे इस मामले में क्या रुख अपनाते हैं।

आगे पढ़ें

ताज़ा खबरें, एक के बाद एक

स्क्रॉल करते रहें, अगली खबर अपने आप खुलेगी।

जोधपुर एलिवेटेड रोड प्रोजेक्ट पकड़ेगा रफ्तार, NHAI और निर्माण कंपनी के बीच हुआ डेट ऑफ अपॉइंटमेंट